लोकसभा में ‘वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ पर ऐतिहासिक बहस शुरू

संसद के शीतकालीन सत्र के छठे दिन, सोमवार को लोकसभा में देश के राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर एक विशेष और व्यापक चर्चा आरंभ हुई। देश के सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व से जुड़े इस विषय पर सदन में कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया गया है, जिसमें सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों के प्रमुख नेता अपने विचार रखेंगे।

इस विशेष चर्चा की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की। उनके बाद, लखनऊ का प्रतिनिधित्व करने वाले केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत केंद्र सरकार के कई अन्य वरिष्ठ मंत्री भी इसमें हिस्सा लेंगे।

विपक्षी खेमे से, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव भी इस महत्वपूर्ण विषय पर सदन के समक्ष अपनी राय प्रस्तुत करेंगे, जो चर्चा को बहुआयामी बनाएगी।

वर्षगांठ समारोह और संसदीय एजेंडा

यह चर्चा दरअसल केंद्र सरकार द्वारा ‘वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ को चिह्नित करने के लिए आयोजित किए जा रहे साल भर के राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम का एक हिस्सा है।

इस विशेष संसदीय एजेंडे को अंतिम रूप देने के लिए, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने 2 दिसंबर को सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की एक बैठक बुलाई थी। बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया था कि ‘वंदे मातरम्’ के ऐतिहासिक महत्व पर 8 दिसंबर को लोकसभा में और उसके अगले दिन, 9 दिसंबर को राज्यसभा में विशेष परिचर्चा आयोजित की जाएगी।