खजुराहो में मंत्रियों की समीक्षा बैठक की तैयारियों के बीच सोमवार को छतरपुर जिले में खाद की भारी किल्लत को लेकर किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। हजारों किसानों ने राष्ट्रीय राजमार्गों पर जाम लगाकर विरोध प्रदर्शन किया, जिससे मंत्रियों के काफिले की आवाजाही भी प्रभावित हुई।
सोमवार को बमीठा थाना क्षेत्र में हजारों किसानों ने राष्ट्रीय राजमार्ग NH-39 पर जाम लगा दिया, जिससे खजुराहो जा रहे मंत्रियों की आवाजाही भी बाधित हुई। इसी प्रकार, हरपालपुर में भी खाद की कमी से परेशान किसानों ने झांसी-मिर्जापुर राष्ट्रीय राजमार्ग-76 पर थाने के सामने जाम लगाकर विरोध प्रदर्शन किया। पुलिस प्रशासन किसानों को समझाने में जुटा रहा, लेकिन सड़कों पर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
अधिकारियों के अनुसार, सोमवार सुबह से 1300 से अधिक टोकन बांटे जा चुके थे, फिर भी किसानों की भीड़ लगातार बढ़ती जा रही थी। सिविल लाइन थाना क्षेत्र की सटई रोड स्थित मंडी में किसान देर रात से ही लाइन में खड़े दिखे। गौरतलब है कि पिछले बुधवार को इसी मंडी में व्यवस्था बिगड़ने के कारण हजारों किसानों ने सड़क जाम कर दी थी।
खाद वितरण के दौरान प्रशासन और किसानों के बीच विवादों ने मामले को और गंभीर बना दिया। सौरा मंडल की तहसीलदार ऋतु सिंघई द्वारा एक छात्रा को थप्पड़ मारने का वीडियो सामने आने से विवाद और बढ़ गया था। इसके बाद ईसानगर तहसीलदार आकाश नीरज और एसडीएम अखिल राठौर पर भी महिलाओं से बदसलूकी और झूमाझटकी के आरोप लगे। इस घटना को लेकर कलेक्टर पार्थ जायसवाल ने संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी किया, जिसके बाद ऋतु सिंघई की तबीयत बिगड़ गई और उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालांकि, अभी तक किसी अधिकारी पर कोई सख्त कार्रवाई नहीं की गई है।
बुवाई का समय होने के कारण किसान खाद के लिए परेशान हैं। लवकुशनगर सहित अन्य वितरण केंद्रों पर भारी भीड़ उमड़ रही है। वहीं, बाजार में खाद की ब्लैक मार्केटिंग की शिकायतें भी सामने आ रही हैं। किसानों का आरोप है कि डीएपी $₹1900$ से $₹2000$ प्रति बोरी और यूरिया $₹500$ से $₹600$ प्रति बोरी की दर से ब्लैक में बेची जा रही है।