नेपाल के सुदूरपश्चिम प्रांत के दार्चुला जिले में शुक्रवार को एक बड़े भूस्खलन की घटना हुई। अपि हिमाल ग्रामीण नगरपालिका के भट्टार क्षेत्र में पहाड़ का विशाल हिस्सा टूटकर चौलानी नदी (जिसे चमेलिया भी कहा जाता है) में समा गया। इससे नदी का सामान्य बहाव प्रभावित हुआ है।
जिला प्रशासन ने चेतावनी दी है कि अगर भूस्खलन जारी रहा तो नदी पूरी तरह अवरुद्ध हो सकती है। ऐसी स्थिति में पानी का दबाव बढ़ने से अचानक तेज बाढ़ आने का खतरा है। सुदूरपश्चिम प्रदेश के मुख्यमंत्री खगराज भट्ट ने प्रशासन और सुरक्षा बलों को उच्च सतर्कता बरतने तथा आपात स्थिति से निपटने की तैयारी रखने के निर्देश दिए हैं।
जिला प्रशासन ने चेतावनी दी है कि अगर भूस्खलन जारी रहा तो नदी पूरी तरह अवरुद्ध हो सकती है। ऐसी स्थिति में पानी का दबाव बढ़ने से अचानक तेज बाढ़ आने का खतरा है। सुदूरपश्चिम प्रदेश के मुख्यमंत्री खगराज भट्ट ने प्रशासन और सुरक्षा बलों को उच्च सतर्कता बरतने तथा आपात स्थिति से निपटने की तैयारी रखने के निर्देश दिए हैं।
बड़ी बाढ़ आपदा का ताजा आंकड़ा
यह घटना 26 अगस्त को आई बाढ़ के बाद सामने आई है। उस आपदा में तिब्बत-नेपाल सीमा क्षेत्र से अचानक आए पानी और मलबे ने रसुवा, नुवाकोट तथा आसपास के जिलों में भारी नुकसान पहुंचाया था। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार अब तक 1300 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और करीब पांच हजार लोग लापता हैं। हजारों लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है।
भारतीय नागरिकों का बचाव
विदेश मंत्रालय के अनुसार त्रिशूली बाजार क्षेत्र से पांच साल के बच्चे सहित तीन और भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। अब तक कुल 169 भारतीयों को बचाया जा चुका है, जबकि 275 भारतीय अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। इसी दिन त्रिशूली-3ए जलविद्युत परियोजना की सुरंग से नौ दिन बाद दो मजदूरों को जिंदा निकालने में सफलता मिली।