राजधानी भोपाल और राजगढ़ जिले को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग पर स्थित पार्वती नदी के पास, करीब 11 महीने पहले धंसे पुल के लिए बनाया गया अस्थायी डायवर्जन रूट अब सुरक्षा कारणों से बंद कर दिया गया है। लगातार हादसों और मार्ग के क्षतिग्रस्त होने की आशंका के मद्देनजर यह निर्णय लिया गया है।
एडीएम अंकुर मेश्राम ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा-163 का प्रयोग करते हुए यह आदेश जारी किया है। इसके तहत, बैरसिया से नरसिंहगढ़ (राजगढ़) के बीच स्टॉपडैम के ऊपर बनाए गए कच्चे वैकल्पिक रास्ते से सभी भारी वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित रहेगा। यह रोक पार्वती नदी पर नए पुल के निर्माण कार्य पूरा होने तक लागू रहेगी।
कच्चे रास्ते पर हादसे का डर
एडीएम मेश्राम ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि मूल पुल के क्षतिग्रस्त होने के बाद, स्टॉपडैम के पास मुर्रम-गिट्टी बिछाकर यह अस्थायी मार्ग बनाया गया था। लेकिन, इस कच्चे रास्ते से भारी वाहनों के लगातार गुजरने के कारण यह मार्ग स्वयं क्षतिग्रस्त हो सकता है, जिससे बड़ी दुर्घटना होने का जोखिम बढ़ गया है। आदेश का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ नागरिक सुरक्षा संहिता के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
बारिश के बाद की स्थिति और दुर्घटनाएं
यह मूल पुल (1976 में निर्मित) इसी साल 17 जनवरी को धंस गया था, जिसके बाद आवाजाही बंद कर दी गई थी और स्टॉपडैम से पानी हटाकर डायवर्सन रूट तैयार किया गया था। हालांकि, मानसून में स्टॉपडैम में पानी भर जाने से रास्ता बंद हो गया था। बारिश थमने और पानी कम होने के बावजूद कई वाहन चालक खतरनाक ढंग से इस रास्ते का उपयोग कर रहे थे।
हाल ही में, अक्टूबर में एक बस यहां तिरछी हो गई थी, और उससे एक दिन पहले ही एक ट्रैक्टर-ट्रॉली फिसलकर स्टॉपडैम के पानी में गिर गई थी। इन दुर्घटनाओं के बावजूद वाहनों का गुजरना जारी था, क्योंकि कई ड्राइवर पानी की गहराई का सही अंदाजा नहीं लगा पा रहे थे, जिससे वे दुर्घटना का शिकार होने से बाल-बाल बच रहे थे। इन परिस्थितियों को देखते हुए प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से यह प्रतिबंध लागू किया है।