इंडिगो की अव्यवस्था पर DGCA सख्त, यात्रियों को ₹10,000 का ट्रैवल वाउचर

विमानन कंपनी इंडिगो ने 3 से 5 दिसंबर के बीच उड़ानें रद्द होने से “ज्यादा परेशान” हुए यात्रियों को ₹10,000 का ट्रैवल वाउचर देने की घोषणा की है। हालांकि, एयरलाइन ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि “ज्यादा परेशान” यात्रियों का पैमाना क्या होगा और किन यात्रियों को यह मुआवजा मिलेगा।

DGCA के सामने पेश हुए CEO

इंडिगो के सीईओ पीटर एल्बर्स गुरुवार को नागरिक उड्डयन नियामक (DGCA) के सामने पेश हुए। DGCA ने उन्हें हाल ही में हुई उड़ानों में अव्यवस्था (फ्लाइट डिसरप्शन) से जुड़ा पूरा डेटा और अपडेट पेश करने का निर्देश दिया था। उड़ानों में लगातार देरी, कैंसिलेशन और हालिया सुरक्षा घटनाओं के कारण DGCA ने अपनी तकनीकी खामियों की निगरानी व्यवस्था (डिफेक्ट रिपोर्टिंग सिस्टम) को तत्काल प्रभाव से सख्त कर दिया है।

DGCA ने बदला डिफेक्ट रिपोर्टिंग सिस्टम

DGCA द्वारा जारी 12 पेज के नए आदेश के मुताबिक, तकनीकी खामियों की निगरानी का पूरा ढांचा बदल दिया गया है:

अब किसी भी निर्धारित उड़ान में तकनीकी कारण से 15 मिनट या उससे अधिक की देरी होती है, तो उसकी जाँच अनिवार्य होगी। कंपनी को बताना होगा कि देरी क्यों हुई, उसे कैसे ठीक किया गया और दोबारा न होने के लिए क्या उपाय किए गए। ये प्रावधान पहले लागू नहीं थे।

कंपनी को किसी भी ‘मेजर डिफेक्ट’ की तुरंत सूचना DGCA को फोन पर देनी होगी और 72 घंटे के भीतर विस्तार से रिपोर्ट भेजनी होगी।

यदि कोई डिफेक्ट तीन बार दोहराया जाता है, तो उसे ‘रिपीटेटिव डिफेक्ट’ माना जाएगा और उस पर अलग से विशेष जाँच शुरू होगी।

DGCA ने यह सख्ती इसलिए की क्योंकि अब तक 15 मिनट की देरी की जाँच और ‘रिपीट डिफेक्ट’ की कोई स्पष्ट परिभाषा जैसी व्यवस्थाएँ नहीं थीं, जिससे डिफेक्ट रिपोर्टिंग व्यवस्था कमजोर थी।

₹10,000 का वाउचर

इंडिगो ने स्पष्ट किया है कि $\text{₹10,000}$ का यह वाउचर अगले 12 महीने तक किसी भी इंडिगो फ्लाइट की बुकिंग के लिए इस्तेमाल किया जा सकेगा। यह मुआवजा उस नियमित मुआवजे (जो $\text{₹5,000}$ से $\text{₹10,000}$ तक होता है) के अलावा होगा, जो उड़ान को 24 घंटे के अंदर रद्द होने पर मिलता है।