भारतीय रेलवे यात्रियों की सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए लगातार नए कदम उठा रहा है। भोपाल रेल मंडल से होकर गुजरने वाली प्रमुख ट्रेनों में चोरी, छेड़छाड़ और अन्य अपराधों पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स (आरपीएफ) तथा सरकार रेलवे पुलिस (जीआरपी) के कर्मी अब सिविल ड्रेस में ड्यूटी करेंगे। यह व्यवस्था अपराधियों की आसानी से पहचान करने और त्वरित कार्रवाई के लिए अपनाई जा रही है।
इस नई पहल का मुख्य फोकस रात में चलने वाली ट्रेनों, सामान्य डिब्बों और भीड़भाड़ वाले रूट्स पर है। आरपीएफ के जवान यात्रियों जैसे दिखते हुए कोचों में निगरानी रखेंगे, जिससे संदिग्ध व्यक्ति सतर्क न हो सकें। साथ ही, सीसीटीवी की निगरानी, नियमित पेट्रोलिंग और महिला यात्रियों के लिए विशेष टीमों की तैनाती को बढ़ावा दिया जा रहा है।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में ट्रेनों में चोरी और असामाजिक घटनाओं की शिकायतें बढ़ी हैं। ऐसे में सादे वस्त्रों में गश्त से अपराधियों पर नकेल कसी जा सकेगी। भोपाल मंडल में इटारसी, रानी कमलापति और भोपाल जंक्शन जैसे प्रमुख स्टेशनों से गुजरने वाली एक्सप्रेस ट्रेनों को इस व्यवस्था में प्राथमिकता दी गई है।
यात्रियों से अनुरोध किया गया है कि वे अपने सामान का ध्यान रखें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत हेल्पलाइन नंबर 182 या आरपीएफ को दें। यह कदम न केवल सुरक्षा बढ़ाएगा, बल्कि यात्रियों का विश्वास भी मजबूत करेगा। रेलवे का मानना है कि ऐसी व्यवस्थाएं अन्य मंडलों में भी जल्द लागू की जा सकती हैं।