रतलाम ड्रग फैक्ट्री कांड: दिलावर खान के साम्राज्य पर पुलिस का चौतरफा प्रहार, नई एफआईआर और रसूखदारों पर नजर

रतलाम के चिकलाना में संचालित अवैध ड्रग फैक्ट्री मामले में मुख्य सरगना दिलावर खान की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। पुलिस द्वारा गांव में आयोजित जनसंवाद कैंप के बाद ग्रामीणों का डर समाप्त हुआ है और उन्होंने दिलावर के खिलाफ खुलकर शिकायतें दर्ज कराना शुरू कर दिया है।

कालूखेड़ा पुलिस ने दिलावर, उसकी बहन मुमताज बी और भांजों के खिलाफ तीन नई एफआईआर दर्ज की हैं। इन मामलों में मारपीट, गाली-गलौज, जमीन हड़पने के लिए दबाव बनाने और पैतृक संपत्तियों पर अवैध कब्जे जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं। चिकलाना निवासी यूनुस खां और जगदीश पाटीदार के साथ-साथ लसुड़िया नाथी के उमराव सिंह की शिकायतों पर पुलिस ने तत्काल संज्ञान लेते हुए कार्रवाई की है।

जमीन हड़पने का ‘बोरा बंद’ खेल उजागर

दिलावर खान के रसूख और आतंक की जड़ें कितनी गहरी थीं, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि छापेमारी के दौरान उसके घर से जमीनों के दस्तावेजों के तीन बोरे बरामद हुए हैं। इन बोरों में 200 से अधिक जमीनों की रजिस्ट्रियां और एग्रीमेंट मिले हैं, जो यह दर्शाते हैं कि वह ब्याज पर रुपए देकर गरीब ग्रामीणों की जमीनें हड़पने का संगठित रैकेट चला रहा था।

आईजी की एंट्री और रसूखदारों की जांच

मामले की गंभीरता और रसूखदारों के साथ दिलावर के संभावित कनेक्शन को देखते हुए उज्जैन आईजी उमेश जोगा आज खुद रतलाम पहुंचकर जांच की समीक्षा करेंगे। एसपी अमित कुमार के नेतृत्व में पुलिस की टीमें उन सफेदपोश लोगों की पहचान करने में जुटी हैं जिनका दिलावर के घर नियमित आना-जाना था।

भांजे के घर दबिश और युवती हिरासत में

जांच के दायरे को बढ़ाते हुए पुलिस ने सोमवार रात दिलावर के भांजे हसन खान के ठिकाने पर भी दबिश दी, जहां से एक युवती को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज और जब्त किए गए डिजिटल सबूतों के आधार पर यह पता लगा रही है कि इस करोड़ों के ड्रग नेटवर्क में और कौन-कौन से बड़े चेहरे शामिल हैं। वर्तमान में दिलावर सहित परिवार के 11 सदस्य पुलिस रिमांड पर हैं, जबकि उसकी पत्नियां और बहू जेल में हैं।