भारतीय जनता पार्टी के नवनियुक्त राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने पदभार संभालते ही अपनी प्राथमिकताएं स्पष्ट कर दी हैं। उन्होंने पश्चिम बंगाल के नेताओं और चुनाव प्रभारियों के साथ पहली बड़ी रणनीतिक बैठक की, जिसमें आगामी विधानसभा चुनाव के लिए एक आक्रामक ब्लूप्रिंट तैयार किया गया। इस बैठक का मुख्य केंद्र पिछले 15 वर्षों के तृणमूल कांग्रेस (TMC) के शासन को विफल बताना और सीधे जमीनी स्तर पर मतदाताओं से जुड़ना रहा।
स्थानीय मुद्दों पर ‘चार्जशीट’ से घेरे जाएंगे विधायक
इस बार भाजपा की रणनीति केवल ममता बनर्जी के नेतृत्व पर हमला करने तक सीमित नहीं है, बल्कि पार्टी ने ‘कॉन्स्टिट्यूएंसी-वाइज’ (विधानसभा वार) अभियान चलाने का फैसला किया है। रणनीति के तहत हर विधानसभा क्षेत्र के लिए एक विशेष ‘चार्जशीट’ तैयार की जाएगी, जिसमें स्थानीय विधायक की नाकामियों, क्षेत्र में बुनियादी ढांचे की कमी और भ्रष्टाचार का लेखा-जोखा होगा। भाजपा नेता इन चार्जशीट्स को रैलियों में सार्वजनिक करेंगे और फिर घर-घर जाकर इन्हें वितरित किया जाएगा ताकि विधायक की सीधे तौर पर जवाबदेही तय की जा सके।
आर्थिक बदहाली और बदहाल स्वास्थ्य सेवाएं बने मुद्दे
बैठक में पश्चिम बंगाल की गिरती अर्थव्यवस्था और स्वास्थ्य सेवाओं को केंद्र में रखा गया। पार्टी नेतृत्व ने जोर दिया कि मतदाताओं को बताया जाए कि संसाधनों से समृद्ध होने के बावजूद बंगाल की प्रति व्यक्ति आय देश के अन्य राज्यों के मुकाबले कम क्यों है। इसके अलावा:
- प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की खस्ताहाल स्थिति और डॉक्टरों की कमी को ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ा मुद्दा बनाया जाएगा।
- भाजपा ने महिला सुरक्षा के मुद्दे पर टीएमसी को घेरते हुए राज्य में ‘जंगलराज’ होने का आरोप लगाया है।
- सीमावर्ती जिलों में घुसपैठियों की पहचान करने और तुष्टीकरण की राजनीति को खत्म करने का वादा पार्टी के प्रमुख स्तंभों में शामिल रहेगा।
‘पलटानो दरकार’ नारे के साथ बदलाव का आह्वान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा मालदा की रैली में दिए गए नारे “पलटानो दरकार, चाये बीजेपी सरकार” (बदलाव की जरूरत है, भाजपा सरकार चाहिए) को अब पूरे राज्य में मुख्य चुनावी थीम के रूप में प्रचारित किया जाएगा। भाजपा इस नारे के जरिए जनता के बीच सत्ता परिवर्तन की लहर पैदा करने की कोशिश कर रही है, जिसे रैलियों और नए चुनावी गीतों के माध्यम से घर-घर पहुँचाया जाएगा।