भोपाल के पास गांवों में टाइगर की दहशत: 10 दिन में 5 मवेशियों का शिकार, वन विभाग अलर्ट

राजधानी से सटे केरवा और कलियासोत क्षेत्र के करीब 7 गांवों में टाइगर के मूवमेंट से दहशत फैल गई है। पिछले 10 दिनों में टाइगर 5 गाय-भैंसों का शिकार कर चुका है। जंगल से निकलकर रिहायशी इलाकों तक पहुंचे टाइगर की मौजूदगी से ग्रामीण खौफ में हैं।

वन विभाग के मुताबिक, गांवों में लगे सीसीटीवी फुटेज और मिले पगमार्क से टाइगर की पुष्टि हुई है। टाइगर रात के समय खेत और जंगल से सटे रास्तों पर देखा गया है। डर के कारण ग्रामीणों ने शाम होते ही घरों से निकलना बंद कर दिया है। खेतों पर जाना और जंगल वाले रास्तों से आना-जाना पूरी तरह ठप है। बच्चे भी स्कूल अकेले जाने से कतरा रहे हैं। कई परिवार बच्चों को खुद छोड़ने जा रहे हैं।

केरवा, मेंडोरा, मेंडोरी, कलियासोत समेत आसपास के गांवों में तनाव का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि मवेशियों पर लगातार हमले हो रहे हैं, अगला निशाना इंसान भी हो सकता है। 

हालात को देखते हुए वन विभाग ने इलाके में गश्त बढ़ा दी है। जगह-जगह कैमरा ट्रैप लगाए गए हैं। एक विशेष टीम टाइगर को वापस जंगल की ओर खदेड़ने के लिए तैनात की गई है। विभाग ने ग्रामीणों को हिदायत दी है कि अकेले जंगल न जाएं, रात में जरूरी होने पर समूह में टॉर्च लेकर निकलें और किसी भी हलचल पर तुरंत सूचना दें।

अधिकारियों का अनुमान है कि टाइगर भोजन-पानी की तलाश में रातापानी सेंचुरी से भटककर आया है। उसे सुरक्षित वापस भेजने की कोशिश जारी है। फिलहाल पूरे इलाके में अलर्ट है।