सोमवार को भारतीय शेयर बाजारों की शुरुआत कमजोर वैश्विक संकेतों और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के कारण बड़ी गिरावट के साथ हुई। बाजार खुलते ही सेंसेक्स में 1000 अंकों से अधिक की गिरावट दर्ज की गई, जबकि निफ्टी 23,400 के स्तर के नीचे फिसल गया।
सुबह के शुरुआती कारोबार में 30 शेयरों वाला BSE सेंसेक्स 430 अंक नीचे 74,807.97 पर खुला। हालांकि, कुछ ही देर में बिकवाली का जोर बढ़ गया और सूचकांक 1,000 अंक से ज्यादा टूट गया। निफ्टी 50 भी 163 अंक की गिरावट के साथ 23,480 के स्तर पर खुला और आगे और कमजोर हुआ। व्यापक बाजार पर भी दबाव रहा। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स करीब 1.04 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स 1.15 प्रतिशत नीचे कारोबार कर रहे थे।
रुपया भी रिकॉर्ड निचले स्तर पर
इस दौरान भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले अपने अब तक के सबसे निचले स्तर 96.25 पर पहुंच गया, जिससे आयात लागत बढ़ने और महंगाई बढ़ने की आशंकाएं मजबूत हो गई हैं।
किन शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट?
निफ्टी के प्रमुख शेयरों में भी भारी दबाव दिखा। पावर ग्रिड कॉरपोरेशन, टाटा स्टील और टाइटन कंपनी जैसे दिग्गज शेयर दिन के प्रमुख लूजर्स में शामिल रहे।
गिरावट की मुख्य वजहें
बाजार में बिकवाली की सबसे बड़ी वजह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में उछाल है। ब्रेंट क्रूड का मई अनुबंध 1.78 प्रतिशत बढ़कर 111.13 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गया। इससे कंपनियों की उत्पादन लागत बढ़ने और वैश्विक महंगाई के दबाव की चिंता बढ़ गई है।
इसके अलावा, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने भी निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता को प्रभावित किया। अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा कि ईरान के लिए समय तेजी से खत्म हो रहा है और अगर जल्द कोई फैसला नहीं लिया गया तो गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। इस बयान से वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता का माहौल और गहरा गया, जिसका असर भारतीय बाजार पर भी साफ दिखा।