शहर के रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर उतरते ही यात्री परिवहन विभाग के नियमों के बजाय ऑटो और बस ऑपरेटरों के स्वघोषित रेट कार्ड का शिकार हो रहे हैं। विभाग की नाक के नीचे खुलेआम दोगुने तक किराया वसूला जा रहा है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी पूरी तरह बेखबर नजर आ रहे हैं।
दैनिक भास्कर की टीम ने मैदान पर जाकर हकीकत जांची तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। चालक अब अपनी मर्जी से किराया तय कर रहे हैं और यात्रियों के पास विरोध करने या दूसरा विकल्प नहीं बचा है। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि परिवहन विभाग में अधिक किराया वसूली की शिकायत दर्ज कराने की कोई व्यवस्था तक नहीं है।
आधिकारिक और वास्तविक वसूली
परिवहन विभाग ने मई 2021 में आखिरी बार किराया संशोधित किया था। इसके अनुसार सीएनजी, पेट्रोल या बैटरी वाली ऑटो रिक्शा के लिए पहले दो किलोमीटर का किराया 43.75 रुपये और उसके बाद हर अतिरिक्त किलोमीटर का 13.75 रुपये तय है। इस हिसाब से तीन किलोमीटर का सफर 57.50 रुपये में होना चाहिए।
- लक्ष्मीबाई कॉलोनी के लिए आधिकारिक किराया करीब 50 रुपये है, लेकिन चालक 80 रुपये मांग रहे हैं।
- हुरावली जाने के लिए 100 रुपये की जगह 150 रुपये वसूले जा रहे हैं।
- महाराज बाड़ा क्षेत्र में 70 रुपये के सफर के लिए 100 से 120 रुपये तक लिए जा रहे हैं।
ऑपरेटरों का तर्क
बस कंडक्टर महेंद्र सिंह ने बताया कि किराया आखिरी बार 2021 में संशोधित हुआ था, जब डीजल 90 रुपये लीटर के आसपास था। अब ईंधन की कीमतें काफी बढ़ चुकी हैं। उन्होंने मांग की कि यात्री बस का किराया 1.25 रुपये प्रति किलोमीटर से बढ़ाकर कम से कम 2.50 रुपये प्रति किलोमीटर किया जाए।
विभाग का रुख
आरटीओ विक्रमजीत सिंह कंग ने स्पष्ट कहा कि कोई भी चालक या ऑपरेटर अपनी मर्जी से किराया नहीं बढ़ा सकता। यह पूरी तरह अवैध है। यात्री अधिक किराया वसूली की शिकायत परिवहन विभाग में कर सकते हैं। शिकायत मिलने पर जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।