मध्य प्रदेश में 9 दिन देरी से मानसून पहुंचा, 46 जिलों में तेज बारिश का अलर्ट

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कल 24 जून को मध्य प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून के कुछ हिस्सों में प्रवेश की पुष्टि कर दी। सामान्य रूप से 15-16 जून के आसपास आने वाला मानसून इस बार करीब 9 दिन पीछे रहा। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अगले दो-तीन दिनों में यह पूरे प्रदेश में सक्रिय हो जाएगा और बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी।

कई जिलों में सतर्कता बरतने की सलाह

मौसम केंद्र ने गुरुवार को राज्य के 46 जिलों में गरज-चमक, तेज आंधी (40-60 किमी/घंटा) और मध्यम से भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। दक्षिणी और पूर्वी जिलों में मौसम ज्यादा सक्रिय रहने की संभावना है। कुछ इलाकों में उमस बढ़ सकती है, जबकि पश्चिमी भागों में गर्मी का असर अभी भी बना हुआ है।

मानसून पहुंचे प्रमुख क्षेत्र: अलीराजपुर, बड़वानी, खरगोन, खंडवा, धार, इंदौर, हरदा, बैतूल, छिंदवाड़ा, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, सिवनी आदि। ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में इसके पहुंचने में थोड़ा और समय लग सकता है।

बारिश की कमी ने बढ़ाई चिंता

1 जून से अब तक प्रदेश में औसत बारिश सामान्य से लगभग आधी दर्ज की गई है। कई जिलों में 40-60% की कमी है, जिससे खरीफ फसलों की बुवाई प्रभावित हुई है। किसान सोयाबीन, धान और दालों की बुवाई में देरी का सामना कर रहे हैं। IMD के पूर्वानुमान के अनुसार इस मौसम में कुल बारिश सामान्य से कम रहने की आशंका है।