पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने राज्य में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने का ऐलान किया है। साथ ही लैंड जिहाद, लव जिहाद और जबरन धर्मांतरण जैसी घटनाओं पर सख्त कानून लाने की घोषणा की।
अवैध रूप से देश में आए लोगों और राष्ट्रीय सुरक्षा व संस्कृति के खिलाफ काम करने वालों को राज्य में रहने की इजाजत नहीं दी जाएगी। ऐसे घुसपैठियों की पहचान कर उन्हें उनके देश वापस भेजा जाएगा। शुभेंदु अधिकारी ने ये बातें वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर कोलकाता के रवींद्र सदन में आयोजित कार्यक्रम में कहीं।
भाषण के प्रमुख मुद्दे
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में चार अहम बातें रखीं। उन्होंने कहा कि सीमा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए जरूरी जमीन उपलब्ध कराई गई है। सीमावर्ती जिलों में होल्डिंग सेंटर बनाए गए हैं, जहां से अवैध घुसपैठियों को चिन्हित कर उनके मूल देश भेजा जाएगा।
धार्मिक उत्पीड़न से भारत आए हिंदू शरणार्थियों को घुसपैठिए नहीं माना जाएगा। उन्हें नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के तहत भारतीय नागरिकता प्रदान की जाएगी।
सेना का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जो लोग भारतीय सेना की निंदा करते हैं, ऑपरेशन सिंदूर का विरोध करते हैं या पहलगाम आतंकी हमले पर चुप रहते हैं, उन्हें ऐसी गतिविधियां करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
सरकार श्यामा प्रसाद मुखर्जी के ‘एक देश, एक विधान, एक प्रधान, एक निशान’ के सिद्धांत के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। बंगाल की सांस्कृतिक पहचान और राष्ट्रीय चरित्र को किसी भी कीमत पर कमजोर नहीं होने दिया जाएगा।
आपातकाल विरोधियों को सम्मान
शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि आपातकाल का विरोध करने वालों को 9 अगस्त को सम्मानित किया जाएगा। इसके लिए ‘लोकतंत्र सेनानी’ समन्वय समिति गठित की जाएगी। पात्र व्यक्तियों को सरकारी प्रमाणपत्र दिए जाएंगे।
उन्होंने सामाजिक, संवैधानिक और राष्ट्रीय मुद्दों पर सेमिनार आयोजित करने तथा प्राकृतिक आपदाओं में राहत व सेवा कार्य चलाने की भी घोषणा की।
कार्यक्रम के बाद उन्होंने भवानीपुर में भाजपा के नए कार्यालय का उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर महीने दो दिन वह इस कार्यालय में आम लोगों से मिलकर उनकी समस्याएं सुनेंगे।
बंगाल सरकार के 10 बड़े फैसले:
- सीमा सुरक्षा बल (BSF) को 45 दिनों के अंदर 600 एकड़ जमीन उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे पुराना सीमा विवाद सुलझ जाएगा।
- CAA लागू करने की प्रक्रिया शुरू, 31 दिसंबर 2024 तक आए 7 समुदायों को लाभ मिलेगा।
- आयुष्मान भारत योजना लागू कर गरीब परिवारों को 5 लाख रुपये तक मुफ्त इलाज की सुविधा।
- जनगणना शुरू करने का फैसला, पिछली सरकार ने केंद्र के आदेश पर कोई कार्रवाई नहीं की थी।
- सरकारी नौकरियों और शिक्षक भर्ती के लिए युवाओं को उम्र सीमा में 5 साल की छूट।
- IAS, IPS और WBPS अधिकारियों को केंद्र सरकार के ट्रेनिंग कार्यक्रमों में भाग लेने की अनुमति।
- भारतीय न्याय संहिता समेत नए आपराधिक कानूनों को लागू करना।
- 2021 चुनावी हिंसा में मारे गए 321 भाजपा कार्यकर्ताओं के परिवारों को नौकरी या आर्थिक सहायता।
- मदरसा विभाग और अन्य धर्मों की वित्तीय सहायता वाली योजनाओं को जून से बंद करना।
- बिना फिटनेस प्रमाणपत्र के मवेशी हत्या पर रोक लगाने का नोटिस जारी।