आगरा के सिकंदरा क्षेत्र में एक महिला ने कथित तौर पर पति को नींद की गोलियां खिलाकर मार डाला और उसके शव को घर के बाथरूम में गड्ढा खोदकर दफना दिया। इसके बाद उसने ऊपर फर्श बनवा लिया और रोजाना उसी बाथरूम में नहाती रही। महिला ने पूरे परिवार और पुलिस को लगभग 45 दिनों तक गुमराह किया। अंत में जेठ के शक और पूछताछ पर उसने जुर्म कबूल लिया।
मामले की जानकारी देते हुए पुलिस ने बताया कि मृतक सुरेंद्र कुमार शर्मा (44) राजस्थान के भरतपुर जिले के मूल निवासी थे। वे आगरा के दहतोरा स्थित रेणुका धाम कॉलोनी में पत्नी रूबी, दो बेटियों (13 वर्षीय रिद्धि और 9 वर्षीय सिद्धि) तथा मां कमला के साथ रहते थे। रूबी इटावा की रहने वाली है और इनकी शादी वर्ष 2010 में हुई थी।
जेठ को हुआ शक, फिर कबूल किया अपराध
पुलिस के अनुसार, 18 मई की सुबह रूबी ने जेठ अनिल शर्मा को फोन कर मां और दोनों बच्चों को ले जाने को कहा। उसने घर आने से भी मना किया और दुकान पर बच्चों को बिठाकर रखने की बात कही। अनिल शर्मा भरतपुर से आगरा पहुंचे और तीनों को लेकर वापस चले गए। बाद में रूबी ने खुद भी राजस्थान आकर परिवार के साथ कुछ दिन बिताए।
जब सुरेंद्र का कोई पता नहीं चला तो 26 मई को उनके भाई अनिल शर्मा ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। रूबी पुलिस के साथ पति की तलाश में शामिल होती रही और बीच-बचाव में रोने-धोने का नाटक भी करती रही।
अनिल शर्मा को उसके व्यवहार पर शक हुआ। शुक्रवार सुबह उन्होंने रूबी से कहा कि अगर कोई परेशानी है तो बताए, वे मदद करेंगे। इस पर रूबी टूट पड़ी और पति की हत्या का सच बता दिया। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने बाथरूम का फर्श तोड़ा तो केवल कंकाल ही बरामद हुआ। शव पूरी तरह गल चुका था।
पत्नी का बयान
रूबी ने पुलिस को बताया कि सुरेंद्र शराब पीकर अक्सर मारपीट करते थे, जिससे वह परेशान रहती थी। 17 मई की रात उसने खीर में 18 से ज्यादा नींद की गोलियां मिलाकर पति को खिला दीं। अगली सुबह सुरेंद्र की मौत हो चुकी थी।
रूबी ने शव को बाथरूम में खींचकर फावड़े से गड्ढा खोदा और दफना दिया। इसके बाद उसने मजदूरों से फर्श बनवाया। परिवार को बताया कि सुरेंद्र झगड़ा करके 5 हजार रुपये लेकर चले गए हैं।
पुलिस कार्रवाई
एसीपी अमीषा सिंह ने बताया कि 26 मई को गुमशुदगी दर्ज होने के बाद जांच में रूबी पर शक हुआ। शुक्रवार को उसकी निशानदेही पर शव बरामद किया गया। आरोपी महिला को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। कंकाल की फॉरेंसिक जांच के लिए टीम गठित की गई है।