प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज राजस्थान के पचपदरा में देश की पहली ग्रीनफील्ड रिफाइनरी-कम-पेट्रोकेमिकल परियोजना का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने घोषणा की कि भारत पश्चिम एशिया के युद्ध से उपजे गंभीर ऊर्जा संकट को सफलतापूर्वक पार कर चुका है।
प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि वैश्विक हालात को देखते हुए घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत बाजार विशेषज्ञों के अनुसार 2000 रुपये तक पहुंच सकती थी, लेकिन केंद्र सरकार के प्रभावी कदमों, मजबूत विदेश नीति और सही संसाधन प्रबंधन से इसे 950 रुपये से भी कम में आम लोगों तक पहुंचाया जा सका। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार ने नागरिकों पर बोझ नहीं पड़ने दिया।
रिफाइनरी की अहमियत
- क्षमता: 9 मिलियन टन प्रतिवर्ष रिफाइनिंग और 2.4 मिलियन टन पेट्रोकेमिकल उत्पादन।
- यह राजस्थान की पहली आधुनिक रिफाइनरी है, जो ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करेगी और स्थानीय स्तर पर बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा करेगी।
- परियोजना को एचपीसीएल और राजस्थान सरकार के सहयोग से विकसित किया गया है।
उद्घाटन के दौरान प्रधानमंत्री ने परिसर का दौरा किया, नियंत्रण कक्ष का जायजा लिया और वहां कार्यरत इंजीनियरों व विशेषज्ञों से चर्चा की। साथ ही उन्होंने कई अन्य विकास परियोजनाओं का भी शिलान्यास किया, जिनकी कुल लागत 1.06 लाख करोड़ रुपये है। इनमें मेट्रो, रेलवे, सड़क, नवीकरणीय ऊर्जा और बिजली से जुड़ी योजनाएं शामिल हैं।
पीएम मोदी ने कहा कि पिछले दस वर्षों की निरंतर नीतियों, 40 से अधिक देशों से ऊर्जा आयात व्यवस्था और दूरदर्शी फैसलों ने देश को इस चुनौतीपूर्ण समय से निकालने में मदद की। उन्होंने राजस्थान की प्रगति और युवाओं की क्षमता की भी सराहना की।