बैरागढ़ डिपो से सोमवार सुबह इलेक्ट्रिक बसों का ट्रायल रन शुरू हो गया है। तीन रूटों पर बसें दौड़ रही हैं। अगले पांच दिनों तक यह ट्रायल चलेगा, जिसके बाद अगस्त माह में इन बसों को आम नागरिकों के लिए उपलब्ध कराया जाएगा।
रविवार को जगदीशपुर में हुई कैबिनेट बैठक के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, कैबिनेट मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी इन ई-बसों से ही जगदीशपुर पहुंचे थे।
ट्रायल रन के दौरान बसों के संचालन, रूटों की व्यवहारिकता, चार्जिंग सुविधा और तकनीकी पहलुओं की जांच की जा रही है। यह ड्राई रन होने के कारण आम यात्रियों को इन बसों में चढ़ने की अनुमति नहीं है। हालांकि, पार्षदों को ट्रायल में शामिल किया जा रहा है।
दो शिफ्टों में होगा संचालन
ट्रायल के दौरान बसें दो शिफ्टों में चलेंगी। पहली शिफ्ट सुबह 8 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी शिफ्ट दोपहर 2 बजे से शाम 6 बजे तक चलेगी।
रूट और संचालन
ई-बसें बैरागढ़ डिपो से पुराने भोपाल, बोर्ड ऑफिस, भोपाल रेलवे स्टेशन (प्लेटफॉर्म नंबर-1) होते हुए कोलार के बैरागढ़ चीचली क्षेत्र तक चलेंगी। इन मार्गों पर यातायात दबाव और संचालन संबंधी चुनौतियों का आकलन किया जा रहा है।
बसों की उपलब्धता
अभी तक भोपाल में 21 इलेक्ट्रिक बसें पहुंच चुकी हैं। अगले 10-12 दिनों में 20 बसें और आने की संभावना है। बैरागढ़ डिपो में चार्जिंग व्यवस्था तैयार कर ली गई है, जहां 11 चार्जिंग पॉइंट्स लगाए जा चुके हैं।