पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में पुलिस ने गुप्त सूचना पर की गई छापेमारी में एक पूर्व बस चालक के आवास से भारी मात्रा में नकदी और सोना बरामद किया है। इस छापे में कुल 28.5 करोड़ रुपये से अधिक कैश और 15 किलो सोना (लगभग 21.5 करोड़ रुपये मूल्य) मिला है। कुल बरामद संपत्ति करीब 50 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
पुलिस टीम मंगलवार देर रात मोहम्मद बाजार क्षेत्र के देउचा गांव पहुंची। मीनार मंडल नामक व्यक्ति के दो मंजिला घर की तलाशी में 35 बोरियों में पैक नोटों के साथ-साथ सोने की छड़ें और बिस्कुट मिले। नकदी की गिनती में इतना समय लगा कि पांच नोट गिनने वाली मशीनें बीच में खराब हो गईं। पूरे अभियान में करीब 15 से 48 घंटे लगे।
मीनार मंडल को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। वह पहले सरकारी बस ड्राइवर के रूप में काम करता था। बाद में उसने पत्थर खनन और बालू व्यापार से जुड़कर काम शुरू किया। जांच के अनुसार, वह स्थानीय प्रभावशाली पत्थर कारोबारी तुलु मंडल (मोहम्मद नजीबुद्दीन) का रिश्तेदार (साला) और मैनेजर है। तुलु मंडल पर अवैध खनन और सिंडिकेट चलाने के आरोप हैं तथा वह फिलहाल फरार है।
पुलिस सूत्रों का कहना है कि बरामद नकदी और सोना तुलु मंडल के अवैध कारोबार से जुड़ा हो सकता है। मीनार मंडल ने शुरुआती पूछताछ में स्वीकार किया कि ये संपत्ति उसके रिश्तेदार के सिंडिकेट की है। पुलिस अब इस धन के स्रोत, अन्य संभावित ठिकानों और पूरे नेटवर्क की गहन जांच कर रही है।
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने इस सफलता पर पुलिस की तारीफ की और राज्य में भ्रष्टाचार व अवैध खनन के खिलाफ सख्त अभियान चलाने का संदेश दिया।