दक्षिणी लेबनान के अली अल-ताहेर पहाड़ी क्षेत्र में हिजबुल्लाह का एक बड़ा भूमिगत नेटवर्क इजराइली सेना ने गुरुवार को ध्वस्त कर दिया। यह नेटवर्क दो किलोमीटर से अधिक लंबा था। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण ने इसे 4.1 तीव्रता के भूकंप के रूप में दर्ज किया। आसपास के इलाकों में जमीन हिलने और तेज आवाज की खबरें आईं।
इजराइली सेना के अनुसार, इस अभियान में 1100 टन से ज्यादा विस्फोटक का इस्तेमाल किया गया। सुरंग परिसर में ईरान से जुड़े कई रॉकेट, मिसाइल, ड्रोन, एंटी-टैंक हथियार, मशीनगन और बड़ी संख्या में विस्फोटक पदार्थ मिले। इसके अलावा कमांड रूम, हथियार भंडार, रहने की जगह और अन्य सुविधाएं भी मौजूद थीं, जो लंबे समय तक भूमिगत संचालन की अनुमति देती थीं। यह परिसर हिजबुल्लाह की एक महत्वपूर्ण क्षेत्रीय इकाई का मुख्य केंद्र बताया गया है।
प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने संयुक्त रूप से कहा कि यह रणनीतिक ढांचा लगभग दो दशकों में ईरान की मदद से तैयार किया गया था। इसका उद्देश्य उत्तरी इजराइल के इलाकों पर निगरानी और हमले की क्षमता हासिल करना था। नेतन्याहू ने सोशल मीडिया पर लिखा कि मिशन पूरा हो गया और यहूदियों के नए साल की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने विस्फोट का वीडियो भी साझा किया।