बुधवार रात करीब साढ़े ग्यारह बजे यमुना एक्सप्रेसवे पर एक दर्दनाक हादसा हुआ। दिल्ली के कश्मीरी गेट से महोबा जा रही राज कल्पना ट्रैवल्स की एसी स्लीपर बस (नंबर BR32 PA8647) जेवर थाना क्षेत्र के दयानतपुर गांव के पास अचानक आग की चपेट में आ गई। बस में करीब 30 से 35 यात्री सवार थे। आग इतनी तेजी से फैली कि नौ यात्री अंदर ही फंस गए और उनकी जलकर मौत हो गई। कई अन्य यात्री खिड़कियों से कूदकर अपनी जान बचाने में सफल रहे। दमकल की टीमें मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक बस पूरी तरह जल चुकी थी। करीब 20-26 यात्रियों को सुरक्षित निकाल लिया गया।
यात्रियों ने चेताया था, ड्राइवर ने अनसुना किया
प्रत्यक्षदर्शियों और एफआईआर के मुताबिक, आग लगने से पहले बस के अंदर जलने जैसी बदबू महसूस हुई। यात्रियों ने ड्राइवर और कंडक्टर को तुरंत बताया और बस रोकने की मांग की। लेकिन ड्राइवर ने इसे आम बात बताते हुए नजरअंदाज कर दिया। आरोप है कि दोनों कैबिन में बीड़ी-सिगरेट पी रहे थे और यात्रियों की बात नहीं सुनी। कुछ देर बाद ड्राइवर की सीट के पास से लपटें उठीं। यात्रियों के बार-बार चिल्लाने के बाद ही बस रोकी गई। इस देरी के कारण कई लोग बाहर नहीं निकल पाए। पुलिस ने ड्राइवर और कंडक्टर को हिरासत में ले लिया है। लापरवाही और आपराधिक मानव वध की धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
बस पर पहले से 19 चालान
जांच में एक और चौंकाने वाला तथ्य सामने आया। इस बस के खिलाफ पहले से ही 19 यातायात चालान कटे हुए थे, जिनकी कुल राशि करीब 1.75 लाख रुपये है। इनमें नाबालिग चालक से बस चलवाने, परमिट नियमों का उल्लंघन, फ्यूल और रेट्रोफिटिंग संबंधी गड़बड़ियां शामिल हैं। इतने चालान होने के बावजूद बस सड़क पर चलती रही।
प्रारंभिक जांच में एसी सिस्टम में शॉर्ट सर्किट या स्पार्क को आग का संभावित कारण बताया जा रहा है। मृतकों में एक महिला और आठ पुरुष शामिल हैं। शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल भेजा गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये और घायलों को पचास-पचास हजार रुपये की सहायता का ऐलान किया है। जांच जारी है।