UN में पाक PM का भारत को अल्टीमेटम: सिंधु का पानी रोका तो जंग मानेंगे

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र में शुक्रवार को दिए अपने संबोधन में भारत के खिलाफ सख्त चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि सिंधु नदी के पानी में पाकिस्तान के हिस्से को रोकने, उसमें रुकावट डालने या उसका रुख बदलने की कोई भी कोशिश युद्ध के बराबर मानी जाएगी। “भारत को इसमें कोई गलती नहीं करनी चाहिए,” उन्होंने साफ शब्दों में कहा।

शरीफ ने सिंधु नदी प्रणाली को पाकिस्तान और पूरे क्षेत्र की जीवनरेखा करार दिया। उन्होंने भारत पर आरोप लगाया कि उसने सिंधु जल संधि को एकतरफा तरीके से स्थगित कर रखा है, जिसका कोई कानूनी आधार नहीं है। उनके अनुसार संयुक्त राष्ट्र के विशेषज्ञों और मध्यस्थता अदालत ने भी भारत के इस रुख को खारिज कर दिया है। उन्होंने जोर दिया कि पानी को हथियार नहीं बनाना चाहिए। नदियां देशों को जोड़े रखने का माध्यम बनें, न कि विवाद का कारण।

उन्होंने कश्मीर मुद्दे को भी उठाया, शरीफ ने कहा कि दक्षिण एशिया में स्थायी शांति तभी संभव है जब जम्मू-कश्मीर विवाद का न्यायपूर्ण समाधान निकले। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र की निगरानी में जनमत संग्रह की पुरानी मांग दोहराई और कश्मीरी लोगों के आत्मनिर्णय के अधिकार के लिए पाकिस्तान का पूरा समर्थन जताया। कुछ रिपोर्टों में उन्होंने कश्मीर को पाकिस्तान की गले की नस भी बताया।

शरीफ ने 2025 में हुए भारत-पाकिस्तान सैन्य टकराव का जिक्र करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हस्तक्षेप को श्रेय दिया। उनके मुताबिक उसी वजह से बड़े पैमाने पर तबाही टल गई। भारत इस दावे से इनकार करता रहा है।

नई दिल्ली ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद सिंधु जल संधि को तब तक स्थगित रखा है जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद का समर्थन बंद नहीं करता। भारत जम्मू-कश्मीर को अपना अभिन्न अंग मानता है और पाकिस्तान के दावों को सिरे से खारिज करता है।