लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने चुनाव प्रक्रिया पर फिर से गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले कई चुनावों में मैच फिक्सिंग जैसी गड़बड़ी हुई है और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस पूरे मामले में समझौता कर चुके हैं।
राहुल गांधी का कहना है कि 2024 के लोकसभा चुनाव समेत कई विधानसभा चुनावों में वोटों की चोरी हुई। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त से इस्तीफा देने और इस मामले में गवाह बनने की मांग की। उनके अनुसार, ज्ञानेश कुमार की नियुक्ति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की मर्जी से हुई थी। हाल ही में आई एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि दो अन्य चुनाव आयुक्तों ने पिछले कई महीनों में मतदाता सूची और संबंधित फैसलों पर बार-बार आपत्ति जताई है।
कुछ दिन पहले राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर भी लिखा कि ज्ञानेश कुमार को पहले भाजपा से जुड़ी गतिविधियों में इस्तेमाल किया गया और बाद में उन्हें चुनावों का अंपायर बनाकर फिक्सिंग की जिम्मेदारी सौंप दी गई।
इसी बीच कांग्रेस पार्टी ने इस मुद्दे पर अपनी रणनीति तय करने के लिए कार्य समिति की बैठक बुलाई। बैठक में पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी समेत वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। चर्चा का मुख्य एजेंडा चुनाव आयोग की भूमिका, मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कार्रवाई और सरकार के खिलाफ आगे की राजनीतिक योजना रहा। पार्टी अब संसद के साथ सड़क स्तर पर भी विरोध प्रदर्शन करने और सहयोगी दलों के साथ साझा रणनीति बनाने पर विचार कर रही है।
चुनाव आयोग और सत्ताधारी दल ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताया है। आयोग का रुख है कि ऐसे दावे संस्था की विश्वसनीयता पर हमला हैं, जबकि भाजपा ने विपक्ष पर निराधार आरोप लगाने का आरोप लगाया है।