मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ रविवार को मुंबई की सड़कों पर उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे एक साथ उतरे। शिवसेना (यूबीटी) और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के कार्यकर्ताओं ने ‘विराट गर्जना मोर्चा’ निकाला। हजारों लोग इसमें शामिल हुए। मार्च मेट्रो सिनेमा इलाके से शुरू होकर महानगरपालिका मुख्यालय तक पहुंचा।
दोनों नेताओं ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित अनियमितताओं का हवाला देते हुए ज्ञानेश कुमार से इस्तीफा मांगा। उद्धव ठाकरे ने उन्हें भाजपा का हथियार बताया। राज ठाकरे ने कहा कि सत्ता का फैसला जनता करेगी, चुनाव आयोग नहीं। उन्होंने महाराष्ट्र में चली SIR प्रक्रिया को रद्द करने और ईवीएम की जगह बैलट पेपर से चुनाव कराने की मांग रखी।
प्रदर्शन में किसी पार्टी का झंडा नहीं था। समर्थकों ने तिरंगा और संविधान की प्रतियां हाथ में लीं। कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस (शरद पवार गुट) के नेता भी मोर्चे में शामिल हुए।