बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवात अर्नब के प्रभाव से मध्य प्रदेश के मौसम में बड़ा बदलाव आ गया है। प्रदेश के पूर्वी हिस्से खासकर महाकौशल और विंध्य क्षेत्रों में आसमान बादलों से ढका हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार अगले तीन दिनों तक इन इलाकों में बारिश होने की अच्छी संभावना बनी हुई है। वहीं पश्चिमी जिलों धार और झाबुआ में तापमान में तेज गिरावट दर्ज की गई है, जिससे ठंड का अहसास अचानक बढ़ गया है।
चक्रवात अर्नब आंध्र प्रदेश के तट से टकराने के बाद कमजोर पड़ते हुए उत्तर की ओर बढ़ रहा है। इसकी नमी भरी हवाएं मध्य प्रदेश तक पहुंच रही हैं। 28 अक्टूबर से 31 अक्टूबर के बीच पूर्वी जिलों में मौसम सबसे ज्यादा प्रभावित रहने वाला है। रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला और बालाघाट जैसे जिलों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। जबलपुर संभाग के कई जिलों में भी मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। बाकी क्षेत्रों में हल्की बूंदाबांदी या गरज-चमक के साथ छिटपुट बारिश के आसार हैं।
महाकौशल और विंध्य क्षेत्रों में पहले से ही बादल छाए हुए हैं और कुछ जगहों पर हल्की बारिश शुरू भी हो चुकी है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि चक्रवात के अवशेष 29 और 30 अक्टूबर को सबसे सक्रिय रह सकते हैं। इस दौरान तेज हवाएं भी चल सकती हैं।
पश्चिमी मध्य प्रदेश में स्थिति अलग है। धार जिले में न्यूनतम तापमान एक ही दिन में करीब चार डिग्री से अधिक गिर गया है। झाबुआ और आसपास के इलाकों में भी ठंडी हवाओं के कारण तापमान में गिरावट महसूस की जा रही है। दिन के तापमान में भी कुछ कमी आने की संभावना है, जिससे ठंड का असर और बढ़ सकता है।