‘आलू से सोना’ वाली बात पर पीएम मोदी का जोरदार प्रहार, बनासकांठा में गूंजा संदेश

गुजरात के बनासकांठा जिले में शुक्रवार को आयोजित किसान और पशुपालक सभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्ष के एक पुराने बयान पर तीखा तंज कसा। उन्होंने कहा कि बनासकांठा का आलू अब दुनिया भर में प्रसिद्ध हो चुका है। यहां आकर कोई यह दावा नहीं कर सकता कि आलू से सोना बनाएंगे, क्योंकि यहां के किसान अपनी मेहनत से पहले से ही समृद्धि हासिल कर रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस क्षेत्र के लोग आलू की खेती से अच्छी आय कमा रहे हैं। कोई भी बाहरी व्यक्ति आकर उन्हें आलू को सोने में बदलने का वादा नहीं कर सकता, क्योंकि वे खुद इस काम में सफल हो चुके हैं। उन्होंने नर्मदा जल और आधुनिक सिंचाई तकनीकों का जिक्र करते हुए बताया कि इनके कारण बनासकांठा आलू उत्पादन का महत्वपूर्ण केंद्र बन गया है।

यह टिप्पणी कांग्रेस नेता राहुल गांधी के लगभग नौ साल पहले दिए गए बयान की ओर इशारा करती है, जिसमें आलू से सोना निकालने वाली मशीन का जिक्र किया गया था। पीएम मोदी ने नाम लिए बिना ही इस पुराने वादे पर चुटकी ली, जिससे सभा में मौजूद लोगों में हंसी और तालियों की गूंज उठी।

इस मौके पर प्रधानमंत्री ने बनास डेयरी के आलू प्रोसेसिंग प्लांट के विस्तार का भी उद्घाटन किया। प्लांट में आलू से फ्रेंच फ्राइज तैयार किए जाते हैं और इसकी क्षमता बढ़ाने से किसानों को अपनी उपज बेचने का बेहतर बाजार मिलेगा। उन्होंने गुजरात को 14 हजार करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं की सौगात दी तथा पीएम-किसान सम्मान निधि की 24वीं किस्त जारी की।

पीएम मोदी ने बनास डेयरी के सहकारी मॉडल की भी प्रशंसा की। उन्होंने बताया कि यह ब्रांड न सिर्फ गुजरात बल्कि देश के अन्य क्षेत्रों में भी सहकारिता को मजबूत कर रहा है। उत्तर गुजरात के लिए स्वीकृत नए क्लस्टर योजनाओं से बनासकांठा और साबरकांठा के आलू किसानों को अतिरिक्त लाभ होने की उम्मीद है।