वाराणसी के दाल मंडी में 159 घरों पर अरबों का बिजली बिल बकाया है और बिजली विभाग ने उनके कनेक्शन काट दिए हैं। दाल मंडी में हुई तोड़फोड़ को लेकर शहर की हर गली और चौराहे पर चर्चाएँ ज़ोरों पर हैं। मार्ग को सुगम बनाने के लिए शासन प्रशासन द्वारा सड़क को चौड़ा किया जाएगा और यह चौड़ीकरण अभियान 29 अक्टूबर को शुरू भी कर दिया गया। वाराणसी में चौक रोड से दाल मंडी जाने वाले रास्ते पर बनी पहली दुकान को लोक निर्माण विभाग ने पहले ही ढहा दिया है। अब लोक निर्माण विभाग के बाद वीडीए, नगर निगम और बिजली विभाग भी दाल मंडी की दुकानों पर शिकंजा कसने की तैयारी में हैं।
बिजली विभाग ने काटे15 घरों के कनेक्शन
खबरों के मुताबिक, बिजली विभाग के अधिकारी 1 नवंबर को वाराणसी के दालमंडी बाजार पहुंचे और बकाया बिल के चलते 15 से ज़्यादा घरों की बिजली काट दी। खबरों के मुताबिक, 159 घरों पर लगभग 5 करोड़ रुपये का बिजली बिल बकाया है। इससे पहले वाराणसी विकास प्राधिकरण और वाराणसी नगर निगम ने भी वाराणसी दाल मंडी के भवन स्वामियों को नियमानुसार भवन निर्माण न करने और बकाया कर के संबंध में चेतावनी दी थी। जहां एक ओर वाराणसी की दाल मंडी में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू हो गई है, वहीं दूसरी ओर विभागों द्वारा दी गई इन चेतावनियों के बाद दाल मंडी लगातार चर्चा के केंद्र में है।
187 मकान चौड़ीकरण के दायरे में हैं
दाल मंडी, वाराणसी से एक सुगम मार्ग बनाया जाएगा जिससे श्रद्धालु बिना किसी जाम और भीड़भाड़ के काशी विश्वनाथ मंदिर तक पहुँच सकेंगे। इस अभियान के दौरान, दाल मंडी के 187 घर चौड़ीकरण परियोजना से प्रभावित हो सकते हैं। वाराणसी दालमंडी से सुगम मार्ग बनाया जाएगा जिसके माध्यम से श्रद्धालुओं को काशी विश्वनाथ मंदिर जाने के लिए जाम और भीड़ से मुक्त रास्ता मिल सके. इस अभियान के दौरान दालमंडी के 187 मकान चौड़ीकरण की जद में आ सकते हैं. विभागीय अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि मकान मालिक के पास सही दस्तावेज होंगे तो उसे उचित मुआवजा दिया जाएगा।
चर्चा का केंद्र बना दालमंडी
वाराणसी की दाल मंडी में चल रही इस कार्रवाई और विभागीय सख्ती के चलते यह इलाका अब पूरे शहर में चर्चा का विषय बन गया है। स्थानीय निवासी असमंजस में भी हैं और चिंतित भी।