राजधानी में बीते 10 महीनों में 50 से अधिक झपटमारी की वारदात

भोपाल: राजधानी में बीत 10 महीनों में 50 से अधिक झपटमारी की वारदाते हुई हैं। इससे लोगों में आक्रोश है। बीएनएस लागू हुए 15 महीने बीत गए हैं अपराधों में कमी नहीं आई है। गौरतलब है कि देशभर में इंडियन पैनल कोड (आईपीसी) की जगह भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) लागू हुए 15 महीने बीत चुके है। इस नए कानून के साथ अपराधों की परिभाषा, सजा और जमानत की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव आया है। इसमें सात साल से ज्यादा की सजा वाले अपराध में कोर्ट से जमानत लेना पड़ती है और सात साल से कम की सजा वाले अपराध में पुलिस थाने से नोटिस देकर आरोपियों को छोड़ देती है। पुलिस के अनुसार बीएनएस की धारा के तहत सामान्य मारपीट को भी जमानती अपराध बना दिया गया है। पहले साधारण चोट कई बार पुलिस द्वारा गंभीर चोट लगाकर गैर-जमानती बना दी जाती थी। अब मामूली झगड़े और चोट के मामले में आरोपी को तुरंत जमानत मिल रही है। इसी तरह विश्वासघात से संपत्ति गबन यानी क्रिमिनल ब्रिच ऑफ ट्रस्ट, जो पहले आईपीसी के तहत गैरजमानती था, अब बीएनएसमें हल्के अपराध की श्रेणी में रखा गयाहै। पहली बार के अपराध को अब जमानती माना गया है। मानहानि के मामलों में भी राहत दी गई है। एफआईआर दर्ज कराने के लिए बीएनएस में नई धारा जोड़ी गई है, जिसमें सजा का प्रावधान तो है, लेकिन यह भी जमानती अपराध है। हालांकि बीएनएस में कुछ गंभीर अपराध अब भी गैर-जमानती हैं।