शहर के बीचोंबीच स्थित पातरा पुल इलाके का टिंबर मार्केट एक बार फिर भीषण आग की चपेट में आ गया। रविवार रात को हुई इस बड़ी दुर्घटना में कम से कम 6 आरा मशीनें पूरी तरह से जल गईं, जिससे ढाई करोड़ रुपये से अधिक का भारी नुकसान हुआ है। इस 108 आरा मशीनों वाले मार्केट में आग लगने के बाद करीब एक घंटे तक पूरे इलाके में दहशत पसरी रही।
यह घटना इसलिए भी गंभीर है क्योंकि मार्केट के पिछले हिस्से से रेलवे ट्रैक गुज़रता है, जिसके कारण ट्रेनों को सावधानीपूर्वक निकालना पड़ा। दमकल की गाड़ियों को आग पर काबू पाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।
लगातार खतरा बना ‘बारूद का ढेर’
यह दुर्घटना इस बात की पुष्टि करती है कि 48 साल पुराना यह टिंबर मार्केट अब शहर के बीचोंबीच एक ‘बारूद का ढेर’ बन चुका है। यह पहली घटना नहीं है; इससे पहले 2016 में भी यहां भीषण आग लगी थी, जिसे बुझाने के लिए 36 दमकलों को 4 घंटे तक काम करना पड़ा था, और पिछले साल भी ऐसी ही घटना हो चुकी है। इन लगातार हो रही आगज़नी की घटनाओं के बावजूद, प्रशासन इस मार्केट को शिफ्ट करने में नाकाम रहा है।
शिफ्टिंग में देरी बनी जानलेवा
करीब 18 साल पहले 2007 में इस मार्केट को शिफ्ट करने की बात उठी थी, लेकिन यह काम अभी तक पूरा नहीं हो पाया है। वर्तमान में, इसे छोटा रातीबड़ में शिफ्ट करने का काम कछुआ चाल से चल रहा है। इस देरी का खामियाजा न केवल जानमाल के नुकसान के रूप में भुगतना पड़ रहा है, बल्कि मार्केट की वजह से भोपाल मेट्रो की ऑरेंज लाइन के दूसरे फेज़ का काम भी अटका हुआ है।
रविवार रात आग लगने की घटना के बाद, कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने मौके पर पहुंचकर जल्द शिफ्टिंग का आश्वासन दिया है।