भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर इन दिनों रूस की आधिकारिक यात्रा पर हैं। इस दौरान उन्होंने मॉस्को में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की। बैठक में दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने के साथ-साथ आगामी भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की।
विदेश मंत्री जयशंकर ने अपने एक्स हैंडल पर लिखा, “आज मॉस्को में राष्ट्रपति पुतिन से मिलकर बहुत सम्मानित महसूस किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शुभकामनाएं उन्हें पहुंचाईं। आने वाले 23वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन की तैयारियों की जानकारी दी तथा क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान हुआ। हमारे रिश्तों को नई ऊंचाई देने के लिए उनके मार्गदर्शन और दूरदर्शिता की मैं हृदय से प्रशंसा करता हूं।”
इससे पहले सोमवार को जयशंकर ने रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से लंबी मुलाकात की। दोनों मंत्रियों ने व्यापार-निवेश, ऊर्जा सहयोग, परिवहन, कृषि, तकनीकी क्षेत्र, संस्कृति और लोगों के बीच संपर्क जैसे विषयों पर गहन चर्चा की। दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय साझेदारी को और विस्तार देने पर सहमति जताई।
विदेश मंत्रालय के मुताबिक, इस यात्रा के दौरान जयशंकर ने रूस के प्रथम उप-प्रधानमंत्री डेनिस मंटुरोव के साथ भी बैठक की। इसके अलावा उन्होंने रूस के प्रमुख थिंक टैंक और विद्वानों से संवाद किया, जिसमें क्षेत्रीय, वैश्विक और बहुपक्षीय मुद्दों पर खुलकर बातचीत हुई।
गौरतलब है कि दिसंबर 2025 में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भारत आने वाले हैं, जहां 23वां भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन आयोजित होगा। इस यात्रा के जरिए दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को और गति मिलने की उम्मीद है।जयशंकर मॉस्को में दो दिवसीय शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के राष्ट्राध्यक्ष परिषद की बैठक में हिस्सा लेने भी पहुंचे थे, जो मंगलवार को संपन्न हुई।