मौसम विभाग के अनुसार आने वाले पांच दिनों में राज्य में न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री तक की वृद्धि हो सकती है, जिससे ठंड का असर कुछ कम पड़ने की उम्मीद है। बुधवार और गुरुवार को भी अधिकांश जिलों में रात का तापमान 1 से 2 डिग्री बढ़ा है।
फिर भी सरगुजा, बिलासपुर और दुर्ग संभाग के कई इलाकों में शीतलहर की स्थिति बनी रहने की आशंका है। इन क्षेत्रों में हाइपोथर्मिया का जोखिम बढ़ सकता है। रायगढ़ में भी सुबह-शाम कड़ाके की ठंड महसूस की जा रही है।
उत्तर भारत से आ रही ठंडी हवाओं के कारण पूरे राज्य में सर्दी का दौर तेज़ हुआ है। मैदानी क्षेत्रों में दुर्ग सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां न्यूनतम तापमान 11.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से करीब 7 डिग्री कम है।
राजधानी रायपुर में नवंबर महीने में नौ साल बाद दूसरी बार न्यूनतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़का है।बीते 24 घंटों में राज्य का सबसे अधिक तापमान 30.9 डिग्री सेल्सियस दुर्ग में और सबसे कम तापमान 10.4 डिग्री सेल्सियस अंबिकापुर में रहा। तीन दिन पहले अंबिकापुर में तापमान 6 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच गया था, जो पिछले दस सालों में नवंबर में पहली बार हुआ है।
रायगढ़ में ठंड से राहत के लिए 9 स्थानों पर अलाव जलाए
रायगढ़ नगर निगम ने बढ़ती ठंड को देखते हुए शहर के विभिन्न स्थानों पर अलाव की व्यवस्था की है। कुल 9 जगहों पर लकड़ी रखकर अलाव जलाने का इंतजाम किया गया है। इनमें मेडिकल कॉलेज परिसर में दो स्थान, चक्रधर नगर ऑटो स्टैंड, रामनिवास टॉकीज चौक, रेलवे स्टेशन, अशर्फी देवी अस्पताल, जिला अस्पताल, केवड़ा बाड़ी बस स्टैंड, मिनी माता चौक और शनि मंदिर के पास शामिल हैं।
ये सभी जगहें रात में लोगों की आवाजाही वाली हैं, इसलिए यहां रहने वाले और आने-जाने वाले लोगों को ठंड से राहत मिल सके, इस उद्देश्य से अलाव जलाए जा रहे हैं।जिले के ग्रामीण और वनांचल क्षेत्र शहर से कहीं अधिक ठंडे हैं। लैलूंगा, कापू, छाल, धरमजयगढ़ जैसे इलाकों में शाम होते ही लोग घरों में दुबकने लगते हैं और गरम कपड़े तथा अलाव का सहारा लेकर ठंड से बचाव कर रहे हैं।