CJI सूर्यकांत का एजेंडा: लिस्टिंग में ‘सरप्राइज’, पेंडिंग केस होंगे प्राथमिकता

24 नवंबर को देश के 53वें मुख्य न्यायाधीश (CJI) के रूप में शपथ लेने जा रहे जस्टिस सूर्यकांत ने न्यायिक सुधार को लेकर अपना एजेंडा स्पष्ट कर दिया है। उन्होंने शनिवार को लीगल जर्नलिस्ट्स से बातचीत में संकेत दिया कि वह 1 दिसंबर को देश को एक बड़ा ‘सरप्राइज’ देंगे। उन्होंने इशारा किया कि यह सरप्राइज केसों की लिस्टिंग (सूचीबद्धता) की व्यवस्था को लेकर होगा, जो न्यायिक प्रक्रिया को आसान बनाएगा।

जस्टिस सूर्यकांत का मुख्य फोकस देश की अदालतों में लंबित मामलों की भारी संख्या को कम करना होगा। उन्होंने कहा कि एरियर (पेंडिंग केस) को कम करने के लिए व्यक्तिगत कोर्ट लेवल पर और पूरे देश के स्तर पर काम करना होगा। उनकी प्राथमिकता सुप्रीम कोर्ट के उन मामलों का निपटारा करना होगा, जो हाईकोर्ट में अंतिम चरण में हैं, लेकिन सुप्रीम कोर्ट में लंबित होने के कारण अटके हैं।

उन्होंने लंबित मामलों को कम करने के लिए मीडिएशन (मध्यस्थता) को एक ‘गेम चेंजर’ बताया, जो मुकदमों को कोर्ट के बाहर तेजी से सेटलमेंट दिला सकता है। एक अन्य बड़ी चुनौती के रूप में उन्होंने 5, 7 या 9 जजों की संवैधानिक बेंचों को भेजे गए मामलों के ओवरलैप होने का उल्लेख किया, जिसके कारण हजारों मामले रुके हुए हैं। जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि वह इन अटके हुए मामलों की सुनवाई शुरू कराने पर कदम उठाएँगे। साथ ही, उन्होंने न्यायिक प्रणाली में डिजिटल कोर्ट और AI के सीमित लेकिन उपयोगी इस्तेमाल की भी वकालत की।