रायसेन मे पुल दहसाने से 1 की मौत, 2 गंभीर; लापरवाही पर परिजनों का फूटा गुस्सा

रायसेन में बरेली-पिपरिया स्टेट हाइवे पर बना 50 साल पुराना नयागांव पुल सोमवार को अचानक ढह गया। ट्रक के गुजरते ही पुल का बड़ा हिस्सा नीचे गिर गया, जिसकी चपेट में दो बाइकें आ गईं। इस हादसे में स्कूटी सवार देवेंद्र धाकड़ की इलाज के दौरान एम्स भोपाल में मौत हो गई। वहीं, बाइक पर सवार जगदीश केवट और महेश केवट गंभीर चोटों के साथ एम्स में जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं।

हादसे के बाद घायलों के परिजनों और स्थानीय लोगों ने प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। यह पुल 1980 के दशक में लोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा बनाया गया था और ग्रामीणों के मुताबिक, यह कई सालों से क्षतिग्रस्त था और इसकी शिकायतें लगातार की जा रही थीं। यह हादसा उस वक्त हुआ जब MPRDC (मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम) के तत्वावधान में पुल की मरम्मत का काम चल रहा था। परिजनों का गुस्सा है कि काम चालू होने के बावजूद ट्रैफिक को क्यों नहीं रोका गया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए सरकार एक्शन में आई है: शुरुआती लापरवाही के चलते प्रबंधक एए खान (फील्ड स्टाफ मैनेजर) को तत्काल निलंबित कर दिया गया है। अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को भी शो कॉज नोटिस जारी किए गए हैं। चीफ इंजीनियर गोपाल सिंह की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति का गठन किया गया है, जिसे 7 दिनों के भीतर हादसे के कारणों की जांच रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया गया है। पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह ने घटना पर दुख जताते हुए दोषियों को सजा दिलाने का आश्वासन दिया है। वहीं, विपक्ष ने इसे “भाजपा सरकार के डबल इंजन के भ्रष्टाचार मॉडल” का उदाहरण बताते हुए सरकार पर हमला बोला है। घायल जगदीश केवट और महेश केवट एम्स भोपाल में ट्रॉमा एंड इमरजेंसी के आईसीयू में भर्ती हैं। डॉक्टरों की टीम उनकी जान बचाने की हरसंभव कोशिश कर रही है।