भोपाल मेट्रो तैयार: 13 दिसंबर को पीएम मोदी दिखा सकते हैं हरी झंडी!

भोपाल मेट्रो को कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेल सेफ्टी (सीएमआरएस) से अंतिम मंजूरी मिल चुकी है और अब शहर में व्यावसायिक मेट्रो सेवा शुरू करने की पूरी तैयारी है। सूत्रों के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 13 दिसंबर 2025 को मेट्रो को हरी झंडी दिखा सकते हैं, यह कार्यक्रम भोपाल में प्रत्यक्ष रूप से या वर्चुअल तरीके से हो सकता है। हालांकि तारीख अभी पूरी तरह तय नहीं है, लेकिन सारी तैयारियां इसी तिथि को ध्यान में रखकर की जा रही हैं।

शुरुआती दिनों में सभी स्टेशनों पर केवल एक ही गेट से यात्रियों की एंट्री और एग्जिट होगी। जिन स्टेशनों पर फिनिशिंग या अन्य छोटे-मोटे काम बाकी हैं, उन्हें तीन दिन के अंदर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। सुरक्षा कारणों से 10 दिसंबर से सभी स्टेशन आम लोगों के लिए बंद कर दिए जाएंगे। यदि प्रधानमंत्री भोपाल आते हैं तो वे खुद मेट्रो में सफर कर इसके पहले यात्री भी बन सकते हैं, इसलिए स्टेशनों पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था की जा रही है। मुख्य कार्यक्रम सुभाष नगर मेट्रो स्टेशन पर होगा क्योंकि यहीं डिपो है और सबसे अधिक जगह उपलब्ध है। पहले तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और अब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी इसी स्टेशन से मेट्रो का निरीक्षण किया था।

उद्घाटन के दिन सुरक्षा के मद्देनजर सुभाष नगर को छोड़कर बाकी सातों स्टेशन बंद रहेंगे और वीवीआईपी मूवमेंट पूरा होने के बाद ही उन्हें आम लोगों के लिए खोला जाएगा। यह प्राथमिकता कॉरिडोर (ऑरेंज लाइन) 6.22 किलोमीटर लंबा है जिसमें सुभाष नगर, केंद्रीय स्कूल, डीबी मॉल, एमपी नगर, रानी कमलापति, डीआरएम तिराहा, अलकापुरी और एम्स – कुल आठ स्टेशन शामिल हैं।

पहले यह योजना थी कि मेट्रो अक्टूबर में शुरू हो जाएगी, लेकिन बिहार विधानसभा चुनाव के कारण कार्यक्रम टल गया। प्रधानमंत्री ने पिछले साल इंदौर मेट्रो का उद्घाटन भी भोपाल से ही वर्चुअली किया था और तब अक्टूबर में भोपाल आने की बात कही थी। नवंबर में सीएमआरएस ने निरीक्षण किया और अब मंजूरी दे दी है, जिससे दिसंबर में व्यावसायिक परिचालन संभव हो पाया है।

शुरुआत में टिकट पूरी तरह मैन्युअल सिस्टम से ही मिलेंगे क्योंकि तुर्की की जिस कंपनी को ऑटोमैटिक फेयर कलेक्शन का ठेका मिला था, उसे मध्य प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ने रद्द कर दिया है। नई एजेंसी आने तक यही व्यवस्था रहेगी, जैसा कि अभी इंदौर मेट्रो में भी लागू है। इस तरह लंबे इंतजार के बाद भोपालवासियों को आखिरकार अपनी मेट्रो मिलने जा रही है और 13 दिसंबर शहर के लिए एक ऐतिहासिक दिन साबित होने वाला है।