टिब्बी में किसान आंदोलन जारी: विधायक समेत कांग्रेस कार्यकर्ता गिरफ्तार, इंटरनेट बंद

हनुमानगढ़ जिले के राठीखेड़ा गांव में निर्माणाधीन ड्यून एथेनॉल प्राइवेट लिमिटेड फैक्ट्री के विरोध में किसानों का प्रदर्शन आज भी जारी रहा। गुरुवार को किसानों की सभा में शामिल होने जा रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पुलिस ने पहले ही रोक दिया, और विधायक रुपिंदर सिंह कुन्नर को भी हिरासत में ले लिया गया। दोपहर में टिब्बी के गुरुद्वारा सिंह सभा में किसानों की एक सभा आयोजित हुई, जिसमें महिलाएं भी शामिल हुईं और चेतावनी दी गई कि मांग पूरी न होने तक यह आंदोलन जारी रहेगा।

हिंसा के बाद बढ़ा तनाव

बुधवार (10 दिसंबर) को किसानों ने फैक्ट्री की दीवार तोड़ दी थी और अंदर घुसकर ऑफिस में आग लगा दी थी, जिसके बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच जमकर पत्थरबाजी हुई थी। इस बवाल में कांग्रेस विधायक सहित 70 से ज्यादा लोग घायल हुए थे, जिनमें से कुछ घायल रातभर टिब्बी के गुरुद्वारे में ही रुके रहे। इस हिंसा के मद्देनजर107  से अधिक किसानों और ग्रामीणों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है, और40 लोगों को हिरासत में लिया गया है। तनाव को देखते हुए आज भी जिले के टिब्बी क्षेत्र में इंटरनेट सेवाएं बंद हैं, और फैक्ट्री के आसपास रहने वाले करीब 30 परिवार घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर भाग गए हैं।

क्या है विवाद की जड़?

चंडीगढ़ में रजिस्टर्ड ड्यून इथेनॉल प्राइवेट लिमिटेड कंपनी राठीखेड़ा में 40 मेगावाट का अनाज आधारित एथेनॉल प्लांट लगा रही है, जिसका दावा है कि यह केंद्र के एथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल (EBP) कार्यक्रम का समर्थन करेगा। किसानों का यह विरोध शांतिपूर्ण तरीके से सितंबर2024 से जून 2025 तक लगभग 10 माह चला था, लेकिन जुलाई 2025 में कंपनी द्वारा चारदीवारी का निर्माण शुरू करने से किसानों का गुस्सा भड़का और विरोध तेज हो गया। 19  नवंबर 2025 को जब पुलिस सुरक्षा में फैक्ट्री निर्माण फिर शुरू हुआ, तो किसान नेता महंगा सिंह समेत 12 से अधिक किसान नेताओं को गिरफ्तार कर लिया गया, जिसके विरोध में 20-21 नवंबर को 67 लोगों ने गिरफ्तारी दी थी। बुधवार (10 दिसंबर) को किसानों ने टिब्बी एसडीएम ऑफिस के सामने बड़ी सभा करने के बाद ट्रैक्टर लेकर फैक्ट्री साइट पर पहुँचकर दीवार तोड़ दी और पुलिस से उनकी झड़प शुरू हो गई थी