संसद का बजट सत्र 28 जनवरी से संभव: 1 फरवरी को पेश होगा केंद्रीय बजट, 2 अप्रैल को समापन की तैयारी

संसद का आगामी बजट सत्र 28 जनवरी से शुरू होने जा रहा है, जिसके लिए संसदीय मामलों की कैबिनेट कमेटी ने संभावित कार्यक्रम तैयार कर लिया है। इस कार्यक्रम के अनुसार, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु 28 जनवरी को दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करेंगी, जो साल के पहले सत्र की एक पारंपरिक शुरुआत होगी। 29 जनवरी को बीटिंग रिट्रीट समारोह के कारण सदन की बैठक नहीं होगी और इसके अगले दिन 30 जनवरी को देश का आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया जाएगा। केंद्रीय बजट 1 फरवरी को रविवार होने के बावजूद पेश किए जाने की संभावना है, ताकि वित्तीय प्रक्रियाओं को समय पर पूरा किया जा सके। बजट पर चर्चा और राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के बाद, संसद 13 फरवरी से लगभग एक महीने के अवकाश पर चली जाएगी। यह अवकाश अवधि स्टैंडिंग कमेटियों को विभिन्न मंत्रालयों की अनुदान मांगों की विस्तृत जांच करने का अवसर प्रदान करेगी। सत्र का दूसरा चरण 9 मार्च से शुरू होकर 2 अप्रैल को समाप्त होगा, क्योंकि 3 अप्रैल को गुड फ्राइडे का सार्वजनिक अवकाश है।

हाल ही में संपन्न हुए शीतकालीन सत्र की बात करें तो राज्यसभा ने 121% और लोकसभा ने 111% की उच्च कार्यक्षमता दर्ज की है। 1 दिसंबर से 20 दिसंबर तक चले इस सत्र के दौरान VB-G RAM G सहित 8 महत्वपूर्ण विधेयक पारित किए गए, जबकि 2 बिलों को गहन समीक्षा के लिए समितियों के पास भेजा गया। हालांकि, विधायी कामकाज के बीच यह सत्र राजनीतिक विवादों से भी घिरा रहा। कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने सरकार पर आधुनिक भारत के निर्माताओं का अपमान करने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि मनरेगा (MGNREGA) की जगह G RAM G बिल लाना महात्मा गांधी के विजन का अपमान है और वंदे मातरम् पर बहस के जरिए इतिहास को नेहरू के खिलाफ तोड़ने-मरोड़ने की कोशिश की गई है। दूसरी ओर, राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन ने सत्र के समापन पर बताया कि इस बार सदन में जीरो आवर नोटिसों की संख्या अब तक के सबसे उच्चतम स्तर पर रही, जो पिछले सत्रों की तुलना में 31% अधिक है।