राजस्थान की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) की टीम ने बुधवार शाम मध्य प्रदेश के सीहोर स्थित श्री सत्य साई यूनिवर्सिटी सहित कुल पांच स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। करीब 40 सदस्यों वाली इस टीम में 5 एडिशनल एसपी रैंक के अधिकारी शामिल थे, जिन्होंने रात 11 बजे तक दस्तावेजों की सघन जांच की। इस कार्रवाई के दौरान टीम ने यूनिवर्सिटी से 67 संदिग्ध डिग्रियों के दस्तावेज, हार्ड डिस्क और अन्य महत्वपूर्ण रिकॉर्ड अपने कब्जे में ले लिए हैं।
बैक डेट में तैयार की गईं बीपीएड की मार्कशीट
जांच का नेतृत्व कर रहे राजस्थान SOG के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेश मेश्राम ने बताया कि वर्ष 2020 की शिक्षक भर्ती (PTI) में शामिल 67 अभ्यर्थियों की डिग्रियां फर्जी पाई गई हैं। आरोप है कि सत्य साई यूनिवर्सिटी ने ये डिग्रियां और बीपीएड की मार्कशीट बैक डेट (पुरानी तारीखों) में तैयार की थीं। राजस्थान सरकार द्वारा कई बार रिकॉर्ड मांगे जाने के बावजूद यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने जानकारी उपलब्ध नहीं कराई थी, जिसके बाद यह छापामार कार्रवाई की गई।
रिकॉर्ड में मिला बड़ा अंतर, जांच जारी
SOG की प्राथमिक जांच में यूनिवर्सिटी द्वारा दिए गए रिकॉर्ड और दस्तावेजों में भारी विसंगतियां मिली हैं। दूसरी ओर, यूनिवर्सिटी प्रबंधन के अंकित जोशी का कहना है कि उन्होंने जांच टीम को पूरा सहयोग किया है और 67 डिग्रियों का डाटा पेन ड्राइव व हार्ड कॉपी के रूप में सौंप दिया है। इस बड़ी कार्रवाई के बाद शिक्षा जगत और फर्जी डिग्री रैकेट से जुड़े लोगों में हड़कंप मचा हुआ है।