ईरान-अमेरिका संघर्ष के कारण वैश्विक स्तर पर ईंधन आपूर्ति प्रभावित होने से दिल्ली में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की भारी कमी पैदा हो गई है। इस संकट ने राजधानी के रेस्टोरेंट और होटल कारोबार को गहरा झटका दिया है।
बुधवार को दिल्ली के कम से कम 12 प्रमुख रेस्टोरेंट और खान-पान की दुकानों को गैस सिलेंडर न मिलने के कारण अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा। कई अन्य प्रतिष्ठान भी सीमित स्टॉक के सहारे किसी तरह संचालन चला रहे हैं। स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि ब्लैक मार्केट में एक 19 किलोग्राम के कमर्शियल सिलेंडर की कीमत 5,000 रुपये से अधिक तक पहुंच गई है।
रेस्टोरेंट संचालकों के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से आधिकारिक आपूर्ति बेहद कम हो गई थी, जो अब लगभग ठप हो चुकी है। दक्षिण दिल्ली के एक प्रसिद्ध रेस्टोरेंट के मालिक गगनदीप सिंह सप्रा ने सोशल मीडिया पर बताया कि स्टॉक खत्म होने के कारण उन्हें अपना प्रतिष्ठान बंद करना पड़ा। उन्होंने कालाबाजारी पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब सरकारी सप्लाई रुकी हुई है, तो ब्लैक में सिलेंडर कहाँ से आ रहे हैं?
इंडिगो हॉस्पिटैलिटी के संस्थापक अनुराग कटियार ने बताया कि कई रेस्टोरेंट अब इंडक्शन या इलेक्ट्रिक कुकिंग जैसे विकल्प अपनाने की तैयारी कर रहे हैं, ताकि अगले एक-दो दिनों में सेवाएं बहाल की जा सकें।
यह संकट केवल सिलेंडर तक सीमित नहीं है। पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) की आपूर्ति भी प्रभावित हुई है। इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड ने व्यावसायिक ग्राहकों के लिए केवल 80 प्रतिशत सप्लाई की सलाह दी है, जिससे उत्पादन पर सीधा असर पड़ा है। पहाड़गंज के एक लोकप्रिय कश्मीरी चुर-चुर नान वाले रेस्टोरेंट को रोजाना 3-4 सिलेंडरों की जरूरत होती है, लेकिन स्टॉक न होने से उसे भी बंद होना पड़ा।
संकट का असर दिल्ली हाई कोर्ट की वकीलों की कैंटीन तक पहुंच गया, जहां बुधवार को गैस खत्म होने से मुख्य भोजन परोसना बंद करना पड़ा। हालांकि, बाद में नई आपूर्ति मिलने पर सेवाएं बहाल हो गईं।