भारतीय शेयर बाजार में कमजोर शुरुआत, तेल की कीमतें और भू-राजनीतिक तनाव का असर

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में लगातार उछाल के कारण गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार ने नरम शुरुआत की। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों सूचकांकों में गिरावट दर्ज की गई।

सुबह के सत्र में निफ्टी 50 करीब 100 अंक टूटकर 23,896.50 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि सेंसेक्स 302 अंक की गिरावट के साथ 76,453.42 पर कारोबार कर रहा था। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों पर भी दबाव दिखा, जिसमें निफ्टी मिडकैप 0.54 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप 0.75 प्रतिशत नीचे रहे।

सेक्टोरल मोर्चे पर निफ्टी फार्मा, रियल्टी और हेल्थकेयर सूचकांक सबसे अधिक कमजोर नजर आए, जबकि एफएमसीजी और ऑटो सेक्टर ने प्रदर्शन को थोड़ा संभाल रखा।

लगातार तीसरे दिन हुई गिरावट

कल यानी बुधवार को बाजार लगातार तीसरे सत्र में लाल निशान पर बंद हुआ। सेंसेक्स 715 अंक गिरकर 76,755.05 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 191 अंक यानी 0.79 प्रतिशत की गिरावट के साथ 23,996.25 पर सेटल हुआ। तेल कीमतों में तेजी और बैंकिंग शेयरों में भारी बिकवाली ने बाजार को नुकसान पहुंचाया।

आज कई कंपनियां अपनी अप्रैल-जून तिमाही के नतीजे जारी करने वाली हैं। इनमें इन्फोसिस, सिप्ला, इंडिगो (इंटरग्लोब एविएशन), इंडियन एनर्जी एक्सचेंज, गो डिजिट जनरल इंश्योरेंस, कोरमंडल इंटरनेशनल, उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक और महिंद्रा लाइफस्पेस डेवलपर्स जैसी कंपनियां शामिल हैं। इन नतीजों पर बाजार की नजर टिकी हुई है।