राजगढ़ जिले के नेशनल हाईवे-52 पर एक तेज रफ्तार ट्रक ने सड़क पार करने वाले गोवंश के झुंड को कुचल दिया। इस हादसे में 15 गाय-बछड़ों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद हाईवे पर शव बिखरे पड़े थे, जिससे इलाके में शोक और गुस्से का माहौल बन गया।
घटना का विवरण
ट्रक टोल प्लाजा के निकट से गुजर रहा था, जब सड़क पर आराम कर रहे गोवंश उसके नीचे आ गए। चालक मौके से फरार होने की कोशिश की, लेकिन स्थानीय गोसेवकों की सूचना पर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए ट्रक को राजगढ़ की ओर जाते हुए पकड़ लिया। ट्रक तमिलनाडु से लोहे का सामान लेकर पंजाब जा रहा था। ब्यावरा पुलिस ने चालक के विरुद्ध पशु क्रूरता से संबंधित कानून और लापरवाही से वाहन चलाने की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
जिले में गौशालाओं की भरमार, फिर भी सड़कें गोवंश से भरी
राजगढ़ जिले में 150 से अधिक गौशालाएं संचालित हैं, जिनमें हजारों गोवंश की देखभाल हो रही है। इसके बावजूद सड़कों पर सैकड़ों आवारा मवेशी घूमते नजर आते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि खरीफ फसल की बुवाई के समय किसान अपने खेतों की सुरक्षा के लिए गांव से गोवंश को बाहर निकाल देते हैं। ये मवेशी भोजन और सूखी जगह की तलाश में रात के समय हाईवे और मुख्य सड़कों पर आ बैठते हैं, जिससे दुर्घटनाएं आम हो गई हैं।
पशु विभाग के अधिकारी बताते हैं कि बारिश के मौसम में गीली जमीन से बचने के लिए गोवंश सड़कों पर ज्यादा आते हैं। विभाग हाईवे किनारे बाड़ लगाने, गोवंश के सींगों पर रात में चमकने वाले रेडियम टैग लगाने और उन्हें व्यवस्थित रूप से गौशालाओं में पहुंचाने की योजना बना रहा है।
प्रशासन की तैयारी
जिला प्रशासन ने इस समस्या को गंभीरता से लिया है। अधिकारियों का कहना है कि निराश्रित गोवंश को पकड़कर सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करने के साथ-साथ गौशालाओं की क्षमता बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा।