जेपीएससी और जेएसएससी की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं तथा धांधली के खिलाफ जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम पर धरना दे रहे छात्रों ने गुरुवार को सरकार से बातचीत के लिए 11 सदस्यों का प्रतिनिधिमंडल तय कर लिया है। इस टीम में आठ छात्र प्रतिनिधि, दो वरिष्ठ पत्रकार और एक अधिवक्ता शामिल हैं।
प्रतिनिधिमंडल में छात्र पक्ष से रविन्द्र पासवान, पीयूष कुमार सिंह, रविन्द्र कुमार रवि, राजेश प्रसाद, नीतू कुजूर, कार्तिक सोरेन, अंकित कुमार और शालू सिंह शामिल हैं। पत्रकार शंभूनाथ चौधरी तथा विकास वर्मा और वकील अजीत कुमार केवल मार्गदर्शक व अभिभावक की भूमिका में रहेंगे। वे वार्ता में कोई मांग या तर्क नहीं रखेंगे। छात्र पक्ष ने साफ किया है कि सभी मुद्दे केवल छात्र प्रतिनिधियों द्वारा ही उठाए जाएंगे। पत्रकार बैठक स्थल पर कैमरा, माइक या कोई रिकॉर्डिंग उपकरण नहीं ले जाएंगे।
छात्र बंद कमरे में बातचीत करने को तैयार नहीं हैं। वे सार्वजनिक और पारदर्शी वार्ता (मीडिया या सीसीटीवी की मौजूदगी में) की शर्त पर अड़े हुए हैं। सरकार ने पहले पांच सदस्यीय दल से चर्चा का प्रस्ताव भेजा था। सूची एसडीओ को सौंप दी गई है। बैठक का स्थान और समय सरकार तय करेगी।
इसी दौरान सीआईडी ने परीक्षा आयोजित करने वाली कंपनी टीडीपीएल के अकाउंटेंट रक्षक सिंह को लखनऊ से गिरफ्तार किया है। रक्षक सिंह खुद उसी परीक्षा में अनुचित साधनों से सफल हुए थे। उनके साथ चार अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया है। मामले में अब तक लगभग 19-20 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।