यूपी में बड़ा एक्शन: सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर की मस्जिद ध्वस्त, विपक्ष में बवाल

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में शनिवार सुबह कलेक्ट्रेट परिसर के अंदर मौजूद एक मस्जिद को प्रशासन ने अवैध निर्माण करार देते हुए बुलडोजर से गिरा दिया। कार्रवाई तड़के करीब चार-पांच बजे शुरू हुई। पूरे परिसर को पुलिस, पीएसी और आरएएफ के जवानों ने घेर लिया था। गेट बंद कर दिए गए थे ताकि कोई व्यवधान न पैदा हो।

प्रशासन के अनुसार, सिटी मजिस्ट्रेट अदालत ने जुलाई 2026 में इस ढांचे को सरकारी जमीन पर बिना अनुमति का निर्माण बताया था। करीब 315 वर्गमीटर क्षेत्र पर बने इस स्ट्रक्चर को हटाने और करीब साढ़े छह करोड़ रुपये हर्जाना वसूलने का आदेश जारी किया गया था। मस्जिद कमेटी ने जिला अदालत में अपील की थी, जिसे सितंबर की शुरुआत में खारिज कर दिया गया। इसके बाद ही ध्वस्तीकरण की कार्रवाई हुई। शिकायत बजरंग दल से जुड़े एक पूर्व नेता ने की थी।

मस्जिद पक्ष का कहना है कि यह जगह बहुत पुरानी है। उनके पास 1911 के दस्तावेज हैं और दावा है कि यहां कलेक्ट्रेट बनने से पहले से नमाज पढ़ी जाती रही है। वे इसे वक्फ प्रॉपर्टी मानते हैं। प्रशासन इसे सरकारी परिसर में अवैध कब्जा बता रहा है।

विपक्षी नेताओं की प्रतिक्रिया

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सच्चा हिंदू या सनातनी दूसरे धर्मों का अपमान नहीं करता। उन्होंने जोर दिया कि सामाजिक सौहार्द बनाए रखना सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।

एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सवाल उठाया कि मुसलमानों की धार्मिक स्वतंत्रता का संवैधानिक अधिकार अब बचा है या नहीं। ओवैसी ने कहा कि मस्जिद पहले से मौजूद थी और कलेक्ट्रेट बाद में बना। उन्होंने पुराने दस्तावेजों का हवाला देते हुए पूछा कि कमजोर आधार पर इबादतगाहों पर बार-बार बुलडोजर क्यों चलाया जाता है।