सिक्किम में भूस्खलन का कहर,  30 से ज्यादा घर मलबे में दबे  

सिक्किम में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच पश्चिम सिक्किम के युक्सोम-ताशीडिंग विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत रिम्बी गांव में रात के समय भूस्खलन हो गया। पहाड़ से नीचे आया मलबा रिहायशी इलाकों तक पहुंच गया, जिससे 30 से अधिक मकान क्षतिग्रस्त हो गए। इनमें बिजली विभाग के सरकारी क्वार्टर भी शामिल हैं। राहत की बात यह है कि अब तक किसी के हताहत होने की कोई सूचना नहीं मिली है।

भूस्खलन के कारण कई क्षेत्रों में सड़कें अवरुद्ध हो गई हैं, जिससे वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई है। प्रशासन की टीमें प्रभावित इलाकों में निगरानी रख रही हैं और नुकसान का आकलन कर रही हैं।

गंगटोक स्थित जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) ने बारिश से जुड़ी घटनाओं के बाद व्यापक नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है। काबी टिंगडा के विधायक शेरिंग टी. भूटिया के नेतृत्व में गठित मल्टी-एजेंसी टीम ने कई प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। टीम में विधायक के ओएसडी, पार्षद, डीडीएमए अधिकारी, सड़क एवं पुल विभाग के इंजीनियर, रंका ब्लॉक विकास अधिकारी तथा राजस्व सर्वेक्षक शामिल थे।

टीम ने भूस्खलन, सड़क अवरोध, कीचड़-मलबे के बहाव और रिहायशी इमारतों को हुए नुकसान का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान बोजोगहारी के पास लुइंग-रंका हाईवे, लोअर बोजोगहारी, लिंगडिंग, हाई कोर्ट रोड, टीएनए गेट, वीआईपी कॉलोनी, अपर जेड-बोजोगहारी, पांगथांग-लिंगडोक रोड, पामरो गांव, लिंग पेरबिंग, अपर एवं मिडिल लुइंग, फेनजोंग, रंका, रकडोंग टिंटेक, दरागांव अपर बुर्तुक, सिचे और अरिथांग सहित कई इलाकों की स्थिति देखी गई।

अधिकारियों के अनुसार कई जगहों पर सड़कें अभी भी बंद हैं। सिचे में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट समेत सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को भी नुकसान पहुंचा है।