कर्पूरीग्राम थाना क्षेत्र के जगतसिंहपुर गांव में एक नाबालिग लड़की के साथ हुई कथित बदसलूकी के मामले में जिला प्रशासन ने शुक्रवार को सख्त कार्रवाई की। तीन आरोपियों के सरकारी जमीन पर बने अवैध निर्माण को बुलडोजर से हटाया गया। एक आरोपी, जो राशन की दुकान चलाता था, उसका लाइसेंस भी रद्द कर दिया गया।
पुरी घटना
15 सितंबर को बूढ़ी गंडक नदी के बांध के पास बाइपास सड़क पर एक किशोरी अपने परिचित के साथ फोटो खिंचवा रही थी। कुछ युवकों ने उन्हें घेर लिया। लड़के को पीटकर वहां से भगा दिया गया, जबकि लड़की के साथ अभद्र व्यवहार किया गया। घटना का वीडियो 23 सितंबर की रात सोशल मीडिया पर तेजी से फैला। पुलिस ने सूचना मिलते ही कार्रवाई शुरू की और करीब छह घंटे में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार किए गए लोगों में विकास कुमार शर्मा, राहुल कुमार, रामबाबू सहनी और अवधेश पासवान शामिल हैं। मामला पॉक्सो अधिनियम, भारतीय न्याय संहिता और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धाराओं में दर्ज किया गया है। सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
प्रशासनिक कार्रवाई
सदर उपखंड अधिकारी के निर्देश पर पुलिस बल की मौजूदगी में अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया गया। राहुल कुमार, रामबाबू सहनी और अवधेश पासवान से जुड़े सरकारी भूमि पर बने ढांचों को ध्वस्त किया गया। रामबाबू की चाय की दुकान भी इसी कार्रवाई में शामिल थी।
मुख्य आरोपी विकास कुमार शर्मा के घर का एक हिस्सा सरकारी जमीन पर पाया गया। चूंकि वह पक्का निर्माण था, इसलिए तुरंत नहीं गिराया गया। परिवार को अतिक्रमण खाली करने का नोटिस दिया गया है। अवधेश पासवान की जनवितरण प्रणाली (PDS) दुकान का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया गया।
आरोपियों का पश्चाताप
गिरफ्तारी के बाद कुछ आरोपियों के वीडियो सोशल मीडिया पर आए, जिनमें वे माफी मांगते दिखे। विकास कुमार शर्मा हाथ जोड़कर समाज और प्रशासन से क्षमायाचना करते नजर आए। राहुल कुमार ने हाथ जोड़कर और कान पकड़कर कहा कि गलती हो गई है और वे दोबारा ऐसा नहीं करेंगे।