नशा मुक्त MP 2029 का लक्ष्य, अमित शाह बोले- नए कानून का मूल मंत्र न्याय है, दंड नहीं

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने नशीले पदार्थों के खिलाफ निर्णायक अभियान शुरू करने की घोषणा की है। उन्होंने साफ कहा है कि 31 दिसंबर 2029 तक देश से नशे के अवैध कारोबार को पूरी तरह खत्म कर दिया जाएगा।

शाह ने हाल ही में गोवा और नई दिल्ली में आयोजित बैठकों में यह लक्ष्य तय किया। उन्होंने ‘विजन डॉक्यूमेंट 2026-2029’ पेश करते हुए बताया कि सरकार अब सिर्फ जब्ती पर नहीं, बल्कि पूरे नेटवर्क को तोड़ने पर फोकस करेगी। इसमें खुफिया जानकारी, सिंथेटिक ड्रग्स पर नियंत्रण, मांग कम करना और विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल शामिल है।

उन्होंने जोर दिया कि न तो एक ग्राम नशीला पदार्थ भारत में आने दिया जाएगा और न ही देश से बाहर जाने दिया जाएगा। सरकार का लक्ष्य 100 बड़े ड्रग नेटवर्क खत्म करना, फरार आरोपियों को वापस लाना और गुप्त प्रयोगशालाओं को नष्ट करना है। हर राज्य में एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स बनाने और एक लाख ‘नशामुक्त मित्र’ तैयार करने की योजना भी बनाई गई है।

पंजाब को लेकर खास वादा

जालंधर में भाजपा की नशा मुक्त पंजाब यात्रा के समापन कार्यक्रम में अमित शाह ने पंजाब की जनता से वादा किया कि अगर भाजपा को मौका मिला तो 2029 के अंत तक राज्य को चिट्टा के कारोबार से पूरी तरह मुक्त कर दिया जाएगा। उन्होंने मौजूदा सरकार पर नशे के व्यापार को बढ़ने देने का आरोप लगाया और कहा कि आगामी चुनाव में नशामुक्त पंजाब पार्टी का मुख्य मुद्दा होगा।

नए कानूनों का मूल मंत्र

अमित शाह ने कई मौकों पर नए आपराधिक कानूनों का जिक्र करते हुए कहा है कि इनका मकसद सिर्फ सजा देना नहीं, बल्कि न्याय सुनिश्चित करना है। पुराने कानून दंड पर आधारित थे, जबकि नए कानून पीड़ितों को तेजी से न्याय दिलाने पर जोर देते हैं।

मध्य प्रदेश में भी नशामुक्त अभियान तेज किया जा रहा है। राज्य सरकार ने मॉनिटरिंग के सख्त निर्देश दिए हैं और हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं। केंद्र सरकार ने सभी राज्यों को समयबद्ध लक्ष्य और एक्शन प्लान बनाने के निर्देश दिए हैं।

अमित शाह ने अधिकारियों से कहा कि अब मीटिंग्स से आगे बढ़कर मिशन मोड में काम करना होगा। लक्ष्य, समय-सीमा और जवाबदेही तय करके ही इस लड़ाई में जीत हासिल की जा सकती है।