नई दिल्ली: दिल्ली क्राइम ब्रांच ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जिस पर लाल किले के सामने आयोजित एक धार्मिक आयोजन से स्वर्ण कलश चोरी करने का आरोप है। कलश की कीमत लगभग 1.5 करोड़ रुपये आंकी गई है। पुलिस के अनुसार, आरोपी की पहचान भूषण वर्मा के रूप में हुई है।
आरोपी की पहचान
अधिकारियों ने बताया कि चोरी की घटना बुधवार को कोतवाली इलाके से रिपोर्ट की गई थी, जिसमें एक किलो वज़न का सोने का कलश चोरी होने की सूचना दी गई। इसके बाद पुलिस ने मौके का निरीक्षण किया और सीसीटीवी फुटेज खंगाले। फुटेज में एक संदिग्ध व्यक्ति को आयोजन स्थल से मूल्यवान वस्तुएँ लेकर जाते हुए देखा गया। इसी आधार पर आरोपी की पहचान की गई।
क्राइम ब्रांच ने तकनीकी साक्ष्य और मुखबिरों की मदद से भूषण वर्मा का पता लगाया। लगातार निगरानी और छापेमारी के बाद सोमवार को उसे उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले से गिरफ्तार किया गया। फिलहाल पुलिस कलश की बरामदगी के लिए छापेमारी कर रही है।
विशेष टीम को गठित किया
अधिकारियों ने बताया कि इस चोरी के मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष टीम गठित की गई थी। यह टीम न केवल सीसीटीवी कैमरों की फुटेज पर काम कर रही थी, बल्कि आयोजन स्थल पर मौजूद लोगों से भी पूछताछ कर रही थी। पुलिस को शक है कि आरोपी ने इस चोरी की योजना पहले से बनाई थी और मौके का फायदा उठाकर धार्मिक आयोजन की भीड़ में शामिल होकर कलश की चोरी किया।
इस मामले में कोतवाली थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 303 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। जांच अधिकारी अब यह भी पता लगाने में जुटे हैं कि क्या इस वारदात में आरोपी के साथ और लोग शामिल थे या उसने अकेले ही घटना को अंजाम दिया।
कलश का महत्व आर्थिक दृष्टि से नहीं बल्कि आस्था से भी जुड़ा
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि चोरी किया गया कलश धार्मिक महत्व का था और इसका का मूल्य केवल आर्थिक दृष्टि से नहीं बल्कि आस्था से भी जुड़ा हुआ है। इस वजह से मामले को प्राथमिकता दी गई और आरोपी को जल्द से जल्द पकड़ने की कोशिश की गई।
आरोपी से पूछताछ जारी है और पुलिस का मानना है कि उसकी निशानदेही पर चोरी किए गए कलश बरामद हो सकते हैं। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि कहीं आरोपी का संबंध किसी बड़े गिरोह से तो नहीं है जो धार्मिक स्थलों और आयोजनों को निशाना बनाता है।