IAS अफसरों की नई तबादला सूची की तैयारी तेज, कई कलेक्टरों के पद बदल सकते हैं

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भोपाल: प्रदेश में हाल ही में एक बड़ी तबादला सूची जारी होने के बाद अब सरकार एक और सूची लाने की तैयारी में जुट गई है। सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 17 सितंबर को राज्य दौरे के बाद इस प्रक्रिया को अमल में लाया जाएगा। इसके साथ ही अक्टूबर में आयुक्तों और कलेक्टरों का सम्मेलन होने जा रहा है, इसलिए उम्मीद है कि नई सूची इस सम्मेलन से पहले जारी कर दी जाएगी।

कलेक्टर स्तर पर बदलाव की संभावनाएँ

इंदौर और जबलपुर के कलेक्टरों का तबादला हाल ही में हो चुका है। अब भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र सिंह और छिंदवाड़ा कलेक्टर शीलेंद्र सिंह का नाम भी सूची में शामिल बताया जा रहा है। इसके अलावा भिंड कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव को भी उनके एक विधायक से विवाद के चलते बदला जा सकता है।

सूत्रों के मुताबिक, जिन कलेक्टरों के नाम लगातार चर्चा में हैं, उनमें धार के प्रियंक मिश्रा, अलीराजपुर के अभय बेडेकर, मुरैना के अंकित अवस्थी, रीवा की प्रतिभा पाल सिंथ, बैतूल के नरेंद्र सूर्यवंशी, डिंडोरी की नेहा मरवा और मैहर की रानी बाटड़ शामिल हैं।

राजधानी भोपाल के लिए नरेंद्र सूर्यवंशी, दीपक आर्य और कोलसानी का नाम सामने आ रहा है। प्रियंक मिश्रा को धार से किसी अन्य जिले में भेजे जाने की संभावना है। इसके साथ ही 2016 बैच के चार अफसरों को कलेक्टर बनाए जाने की तैयारी भी की जा रही है।

नगर निगम और अन्य अधिकारियों के लिए नई जिम्मेदारियाँ

भोपाल नगर निगम आयुक्त हरेंद्र नारायण, गौरव बेनाल, कीरोड़ी लाल मीणा और मिशा सिंह को भी जिलों में कलेक्टर बनाकर भेजे जाने की संभावना है। यह कदम सरकार की उस रणनीति का हिस्सा है जिसमें नए और अनुभवी अधिकारियों को जिलों में जिम्मेदारी देकर प्रशासन को मजबूत करना है।

फील्ड अफसरों के साथ-साथ प्रमुख सचिव और विभागाध्यक्ष स्तर पर भी बदलाव किए जाने की चर्चा है। पर्यटन और संस्कृति विभाग में नए अधिकारी की तलाश जारी है क्योंकि शिव शेखर शुक्ला को गृह विभाग में अतिरिक्त मुख्य सचिव बनाया गया है।

महिला एवं बाल विकास विभाग (WCDD) की आयुक्त सुफिया फारूकी वली का केंद्र सरकार के जनगणना विभाग, भोपाल में प्रतिनियुक्ति पर जाना तय है। उनकी जगह किसी नए अधिकारी की तैनाती की जाएगी। इसके अलावा कुछ अन्य विभागों में भी फेरबदल की संभावना जताई जा रही है।

क्यों महत्वपूर्ण है यह तबादला सूची?

सूत्रों का कहना है कि यह तबादला सूची प्रशासनिक स्तर पर बड़ा असर डालेगी। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर जैसे बड़े जिलों के कलेक्टरों की जिम्मेदारियाँ बदलना सरकार की प्राथमिकताओं को दर्शाता है। यह बदलाव आने वाले महीनों में सरकार की कार्यशैली और प्रशासनिक ढांचे पर सीधा असर डालेगा।

 कुल मिलाकर, प्रदेश सरकार इस बार बड़ी प्रशासनिक सर्जरी की तैयारी में है। अधिकारियों के तबादले न केवल जिलों के प्रशासनिक ढांचे को प्रभावित करेंगे बल्कि यह भी तय करेंगे कि आने वाले महीनों में सरकार किन मुद्दों पर ज्यादा जोर देगी।