नई दिल्ली: नेपाल को पहली महिला प्रधानमंत्री मिलने के बाद भारत की ओर से भी बधाइयों का दौर शुरू हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुशीला कार्की को अंतरिम प्रधानमंत्री पद संभालने पर हार्दिक शुभकामनाएँ दीं।
मोदी ने अपने संदेश में कहा, “मैं अंतरिम प्रधानमंत्री पद संभालने पर माननीय सुश्री सुशीला कार्की को शुभकामनाएँ देता हूँ। भारत, नेपाल की शांति, प्रगति और समृद्धि के लिए हमेशा प्रतिबद्ध है।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि भारत और नेपाल के रिश्ते सिर्फ पड़ोसी देशों के नहीं, बल्कि सदियों पुराने सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संबंधों पर आधारित हैं।
नेपाल में ऐतिहासिक बदलाव
सुशीला कार्की ने बीते दिनों शपथ लेकर इतिहास रच दिया है। वे नेपाल की पहली महिला प्रधानमंत्री बनी हैं। उनका प्रधानमंत्री पद तक पहुँचना हाल ही में हुए Gen-Z प्रदर्शनों का परिणाम है, जिन्होंने भ्रष्टाचार और पुराने राजनीतिक ढाँचों के खिलाफ आवाज उठाई।
केपी शर्मा ओली सरकार के पतन के बाद जब नेपाल राजनीतिक संकट से जूझ रहा था, तब सुशीला कार्की जनता और युवाओं की पसंद के रूप में सामने आईं। उनके नाम पर पारंपरिक दलों और आंदोलनकारी युवाओं, दोनों की सहमति बनी।
भारत का समर्थन
भारत सरकार ने कहा है कि वह नेपाल की नई अंतरिम सरकार के साथ मिलकर काम करने को तैयार है। विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया, “भारत, नेपाल का करीबी पड़ोसी और लंबे समय से विकास सहयोगी रहा है। हम नेपाल के साथ मिलकर दोनों देशों की जनता की भलाई और समृद्धि के लिए लगातार कार्य करेंगे।”
नेपाल की अंतरिम सरकार की प्रधानमंत्री के रूप में पद ग्रहण करने पर माननीय सुशीला कार्की जी को हार्दिक शुभकामनाएं। नेपाल के भाई-बहनों की शांति, प्रगति और समृद्धि के लिए भारत पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।
— Narendra Modi (@narendramodi) September 13, 2025
उम्मीदों की राह
प्रधानमंत्री के पद को संभालने के लिए सुशीला कार्की के सामने सबसे बड़ी चुनौती नेपाल मे फिर से जनता के बीच मे शांति और स्थिरता का माहौल बनाना, और Gen-z की शर्तों के अनुसार भ्रष्टाचार पर सख्ती बनाए रखे, और समय पर चुनाव सुनिश्चित करना
नेपाल में 5 मार्च 2026 को आम चुनाव होंगे, जिनमें जनता स्थायी सरकार चुनेगी। तब तक सुशीला कार्की देश का नेतृत्व अंतरिम प्रधानमंत्री के तौर पर करेंगी।