3 साल की बच्ची की कस्टडी मां को मिली, पिता ने बीमारी का हवाला दिया था, जांच में महिला स्वस्थ निकली

भोपाल: गोविंदपुरा एसडीएम रवीशकुमार श्रीवास्तव ने सोमवार को एक अहम आदेश सुनाते हुए 3 साल की बच्ची की कस्टडी मां को सौंप दी। मामले में पिता ने दावा किया था कि पत्नी को गंभीर बीमारी (हेपेटाइटिस-बी) है, इसलिए बच्ची उसके पास सुरक्षित नहीं रहेगी। हालांकि, स्वास्थ्य जांच में महिला पूरी तरह स्वस्थ निकली।

मामला क्या है

महिला ने आवेदन दिया था कि उसका विवाह 11 दिसंबर 2019 को हुआ था। साल 2021 में उसे हेपेटाइटिस-बी होने की जानकारी मिली। महिला का आरोप है कि 25 जून 2025 को पति और सास ने उसे और बेटी को घर से निकाल दिया था। अगस्त में इस घटना की रिपोर्ट थाने में दर्ज कराई गई। इसी दौरान पति बच्ची को अपने साथ ले गया। इसके बाद महिला ने एसडीएम से बच्ची की कस्टडी की मांग की।

पति का पक्ष

पति का कहना था कि पत्नी की बीमारी गंभीर है और यह संक्रमण बच्चे तक जा सकता है। उसने दावा किया कि जन्म के समय बच्ची को हेपेटाइटिस-बी का टीका लगवाया गया और हर छह महीने में उपचार कराया जा रहा है। पति ने यह भी कहा कि बीमारी की वजह से उसे भी संक्रमण हो गया और आपसी सहमति से तलाक लेने का निर्णय लिया गया था।

जांच के बाद निर्णय

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद एसडीएम श्रीवास्तव ने जेपी हॉस्पिटल से महिला का स्वास्थ्य परीक्षण कराया। मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट में पुष्टि हुई कि महिला को वर्तमान में किसी तरह के इलाज की आवश्यकता नहीं है और बच्ची का टीकाकरण पूरा हो चुका है। रिपोर्ट के मुताबिक, मां से बच्ची को किसी भी तरह का संक्रमण होने का खतरा नहीं है।

एसडीएम ने आदेश में कहा कि बच्ची अबोध  है और उसकी सबसे अधिक आवश्यकता मां को है। मां ही उसके पालन-पोषण और देखभाल के लिए उपयुक्त है। इसी आधार पर बच्ची की कस्टडी मां को सौंप दी गई।