जैकलीन फर्नांडीस ने मनी लॉन्ड्रिंग केस के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया

नई दिल्ली: बॉलीवुड अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडीस ने अपने खिलाफ दर्ज 215 करोड़ रुपए मनी लॉन्ड्रिंग केस को लेकर सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया है। उन्होंने दिल्ली हाईकोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी है, जिसमें उनके खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा दर्ज केस को रद्द करने से इनकार कर दिया गया था।

यह मामला कुख्यात ठग सुखेश चंद्रशेखर से जुड़ा है, जिस पर 200 करोड़ रुपए से अधिक की धोखाधड़ी का आरोप है। सुप्रीम कोर्ट की बेंच, जिसमें जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस ऑगस्टिन जॉर्ज मासिह शामिल हैं, सोमवार 22 सितंबर को जैकलीन की याचिका पर सुनवाई करेगी।

ED का आरोप

ED ने अपनी चार्जशीट (17 अगस्त, 2022) में दावा किया था कि जैकलीन फर्नांडीस, सुखेश चंद्रशेखर की आपराधिक गतिविधियों से अवगत होने के बावजूद उससे महंगे तोहफे स्वीकार करती रहीं।
एजेंसी के अनुसार, उन्होंने इन गिफ्ट्स को छुपाने की कोशिश की और अपने मोबाइल से डेटा डिलीट कर साक्ष्य नष्ट किए। पूछताछ में जैकलीन ने इसे कबूल भी किया था।

ED ने कहा कि सुखेश चंद्रशेखर ने जैकलीन को करीब 5.71 करोड़ रुपए के गिफ्ट्स दिए, जिनमें लग्ज़री कारें, ज्वेलरी और डिजाइनर ब्रांड्स शामिल थे। इन गिफ्ट्स को उसकी सहयोगी और सह-आरोपी पिंकी इरानी के जरिए जैकलीन तक पहुंचाया गया था

जैकलीन फर्नांडीस ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उन्हें सुखेश चंद्रशेखर के आपराधिक इतिहास की कोई जानकारी नहीं थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह इस पूरे मामले में निर्दोष हैं और ED ने उनके खिलाफ बेबुनियाद आरोप लगाए हैं।

विवादों में घिरीं जैकलीन

2022 में सोशल मीडिया पर जैकलीन और सुखेश की नज़दीकी तस्वीरें वायरल होने के बाद से यह विवाद और गहराया। जेल में होने के बावजूद सुखेश समय-समय पर जैकलीन को महंगे गिफ्ट्स और लव लेटर्स भेजता रहा है।

जैकलीन से ED और दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) कई बार पूछताछ कर चुकी है। एजेंसी ने उन्हें अपने पूरक चार्जशीट में सह-आरोपी के रूप में शामिल किया था।

अब सुप्रीम कोर्ट का फैसला इस पूरे मामले में जैकलीन के भविष्य के लिए अहम साबित होगा।