बच्चों की मौत पर दिल्ली में प्रदेश सरकार को उमंग सिंघार ने घेरा

मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में हुई बच्चों की मौतों के मामले में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मंगलवार को एआईसीसी के मुख्यालय में पत्रकारवार्ता कर प्रदेश सरकार को घेरा। सिंघार ने आरोप लगाया कि चार साल में मध्य प्रदेश में 49 हजार बच्चे लापता हो चुके हैं। इंदौर के एमवाय हॉस्पिटल में नवजात बच्चों को चूहों ने काट लिया। पत्रकार वार्ता में राजस्थान के भी नेता प्रतिपक्ष शामिल थे।

छंदवाड़ा के परासिया में 16 बच्चों की मौत हो गई। हमारे विधायक सोहन वाल्मीकि ने कई बार सरकार को चेताया, कलेक्टर को पत्र लिखा, लेकिन सरकार और प्रशासन नहीं जाग सका। नियम है कि 72 घंटे में टेस्ट रिपोर्ट करवाई जाना थी, लेकिन प्रशासन ने ऐसा नहीं किया। एक बच्चे को क्रब से निकाल कर पोस्टमार्टम करना पड़ा। मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री पांच दिन पहले तक कह रहे थे कफ सीरप से कोई मौत नहीं हुई। स्वास्थ्य मंत्री अपने जिले रीवा में कफ सीरप की ब्रिकी बंद नहीं करवा पा रहे। इनके तमिलनाडु की दवा बनाने वाली उस कंपनी से क्या संबंध में इसकी जांच होना चाहिए। परासिया आदिवासी क्षेत्र है उसे इस दवाई देने के लिए क्यों चुना गया। ऐसी कंपनी सरकार के साथ मिलकर मौत का व्यापार कर रही है, इनके इस्तीफा क्यों नहीं लिया जा रहा ।