केवड़िया के थीम पवेलियन में मप्र की संस्कृति-विरासत की झलक

भारत के लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर स्टेच्यू ऑफ यूनिटी केवड़िया गुजरात में 1 नवंबर से 15 नवंबर तक भारत पर्व का आयोजन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के विशिष्ट आतिध्य में भारत पर्व के अंतर्गत आज 11 नवंबर को गुजरात के केवड़िया में मध्यप्रदेश […]

राष्ट्रीय एकता दिवस पर दौड़ और पोधरोपण का कार्यक्रम आयोजित

अशोकनगर: सरदार वल्लभ भाई पटेल की 150 जयंती के अवसर पर राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में रन फॉर यूनिटी का आयोजन जिला मुख्यालय पर स्थित पटेल पार्क से गांधी पार्क तक किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि चंदेरी विधायक जगन्नाथ सिंह रघुवंशी थे। कार्यक्रम में पटेल पार्क में सरदार वल्लभ भाई पटेल की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की […]

70वें स्थापना दिवस की शुरुआत जुबिन नौटियाल के गीतों और 2,000 ड्रोनों के प्रदर्शन से होगी।

भारत के लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती राज्य में राष्ट्र की एकता, अखंडता और सुरक्षा को समर्पित मनाई गई। इस अवसर पर, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल में लोगों को राष्ट्र की एकता, अखंडता और सुरक्षा बनाए रखने की शपथ दिलाई और रन फॉर यूनिटी को हरी झंडी दिखाई। राज्य भर […]

युवाओं ने एकता और अखंडता की शपथ ली और ‘रन फॉर यूनिटी’ को हरी झंडी दिखाई।

लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती प्रदेश में राष्ट्रीय एकता, अखंडता और सुरक्षा को समर्पित थी। इस अवसर पर, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल में लोगों को देश की एकता, अखंडता और सुरक्षा बनाए रखने की शपथ दिलाई और रन फॉर यूनिटी को हरी झंडी दिखाई। पूरे प्रदेश में रन फॉर यूनिटी […]

CM मोहन यादव बोले — सरदार पटेल के मार्ग पर चलना ही सच्ची एकता

लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में भव्य राष्ट्रीय एकता दिवस मनाया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शौर्य स्मारक से “रन फॉर यूनिटी” मैराथन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने भारत माता और सरदार पटेल के चित्रों पर पुष्पांजलि अर्पित […]

सरदार वल्लभभाई पटेल की विरासत: भारतीय संघ के एकीकरण में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका

सरदार वल्लभभाई पटेल, जिन्हें ‘भारत का लौह पुरुष’ कहा जाता है, को आधुनिक भारत के निर्माताओं में से एक माना जाता है। स्वतंत्रता संग्राम में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका के अलावा, उनकी सबसे महान और स्थायी विरासत भारत के राजनीतिक एकीकरण का असाधारण कार्य है। रियासतों का एकीकरण: एक विशाल कार्य चुनौतीपूर्ण पृष्ठभूमि: 15 अगस्त, 1947 […]